बस्ती। विक्रमजोत मछली मंडी में पकड़े गए जाली नोटों के धंधेबाजों के कनेक्शन मुंबई और नेपाल तक जुड़े हुए हैं। मुंबई में बैठा गिरोह का सरगना नकली नोट मुहैया कराता है।
पकड़े गए आरोपी वहां से असली जैसी दिखने वाली जाली नोट लाकर तीन गुना करके खपाते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उनके गिरोह के लोग अलग-अलग गुटों में बंटकर कई प्रदेशों में फैले हुए हैं। जो करोड़ों रुपये की हेराफेरी करते रहते हैं।
खास बात यह कि ये लोग किसी को 50 हजार यानी एक गड्डी से कम नहीं देते थे। पुलिस के मुताबिक ग्राहक सेट करते समय असली नोट दिखाते थे लेकिन जब डिलीवरी देते थे तो ऊपर-नीचे असली नोट लगाकर बीच में असली जैसी दिखने वाली नकली भर देते थे। एएसपी श्याम कांत ने बताया कि पुलिस उनके पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। पूछताछ में पता चला कि गिरोह के लोग सधे अंदाज में डीलिंग करते थे। पकड़े जाने पर उन्हीं में से एक दो भीड़ से निकलकर बीच-बचाव करके छुड़ा लेते या भगा देते थे।
एएसपी के मुताबिक यह सभी विभिन्न जिलों में कई बार जेल भेजे जा चुके हैं, मगर अभी ब्योरा नहीं है। इस गिरोह के खिलाफ जिले में किसी वारदात का रिकाॅर्ड में नहीं है।
छावनी थानाक्षेत्र के विक्रमजोत सब्जीमंडी से सोमवार सुबह करीब 05:15 बजे पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरजनपदीय गिरोह के चार गुर्गे पकड़े गए। इनमें गोंडा जिले के मनकापुर थानाक्षेत्र के पटीठ निवासी अनूप कुमार सिंह उर्फ बब्बू, मुंडेरवा थाना क्षेत्र के कमोखर निवासी ओंकार उर्फ बब्बू, संतकबीरनगर जिले के महुली थाना क्षेत्र के महुली मेन मार्केट निवासी राजकुमार गुप्ता, धनघटा थाना क्षेत्र के गगरा गाड़ निवासी शिव कुमार कन्नौजिया शामिल हैं।
इनके पास से 15 लाख रुपये के जाली नोट बरामद हुए। काले रंग का बैग, 10 मोबाइल फोन और वैगनआर कार भी जब्त की गई है। कार की ड्राइविंग सीट पर बैठा एक शख्स फरार हो गया, जिसकी तलाश में टीमें लगी हैं। पुलिस के मुताबिक यहां वे लोग त्योहार के बीच शिकार बनाने के लिए रेकी करने आए थे।