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Basti News: मेडिकल कॉलेज में व्यवस्था नाकाफी आईसीयू फुल, गंभीर मरीज हो रहे रेफर

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मेडिकल कॉलेज का आईसीयू वार्ड फुल। संवाद
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बस्ती। मेडिकल कॉलेज में दुर्घटनाग्रस्त या लिवर, किडनी और हार्ट की बीमारी से गंभीर मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। ऐसे मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती तो लिया जा रहा है लेकिन, जीवन रक्षक प्रणाली जैसी पर्याप्त संसाधन न होने के कारण कुछ ही देर बाद चिकित्सक हाथ खड़े कर दे रहे हैं। ऐसे मरीजों को तत्काल हायर सेंटर में जाने की सलाह दी जा रही है। कुछ मरीजों को ऑक्सीजन युक्त बेड पर भर्ती करके भगवान भरोसे उनका इलाज किया जा रहा है।
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मेडिकल कॉलेज में वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में दस बेड का आईसीयू स्थापित किया गया है। लेकिन, वेंटिलेटर ऑपरेटर के अभाव में पांच बेड पर ही मरीज किसी तरह भर्ती किए जा रहे हैं। कम बेड होने के नाते अचानक गंभीर मरीजों के पहुंचने पर चिकित्सक भी परेशान हो रहे हैं। तीमारदारों का दबाव रहता है कि मरीज को तत्काल भर्ती कर इलाज शुरू किया जाए। चिकित्सक वेंटिलेटर युक्त आईसीयू खाली न होने की दलील देकर मरीज को रेफर करने की बात कहते हैं। इसको लेकर अक्सर तीमारदार और चिकित्सकों में अनबन भी हो रही है।
बता दें कि मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में रोजाना 5 से 10 गंभीर रोगियों का आना हो रहा है। गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर न मिलने पर रेफर किया जा रहा है। हर्रैया क्षेत्र से आए मरीज रामकेवल के परिजन ने बताया कि उन्हें हेपेटाइटिस बी की बीमारी है। चार दिनों से वह इमरजेंसी में भर्ती हैं। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें वेंटिलेटर की जरूरत है लेकिन, आईसीयू खाली नहीं होने से ऑक्सीजन के सहारे भर्ती किया गया है। परिजनों का कहना हैं कि उनके पास निजी अस्पताल ले जाने के लिए रुपये नहीं है। मरीज की देखभाल के लिए केवल पत्नी और बेटी ही अस्पताल में मौजूद हैं।
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