फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोख में ही उजड़ गई ममता: सीएचसी में लापरवाही की हद, जबरन प्रसव में नवजात का सिर धड़ से हुआ अलग

Mon, 13 Apr 2026 11:42 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती

सार

कलवारी थाना क्षेत्र के मुरादपुर निवासी प्रेमा देवी सात माह की गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार शाम को पति नीरज कुमार उसे लेकर सीएचसी कुदरहा बनहरा पहुंचे। आरोप है कि गर्भवती को महिला स्टाफ ने तुरंत दर्द का इंजेक्शन दे दिया। सात माह की गर्भवती को रेफर करने के बजाय जबरन नॉर्मल प्रसव कराने का प्रयास किया। आरोप है कि डिलीवरी के दौरान स्टाफ नर्स ने नवजात के धड़ को इतनी तेज खींचा कि उसका सिर अलग हो गया।
विज्ञापन
अस्पताल  में भर्ती प्रसूता।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिले के कुदरहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सोमवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। आरोप है कि डॉक्टर की गैरमौजूदगी में स्टाफ नर्स ने सात माह की गर्भवती का जबरन प्रसव कराने की कोशिश की। इस दौरान नवजात को खींचने पर उसका सिर धड़ से अलग हो गया और सिर गर्भाशय में ही फंसा रह गया।
विज्ञापन


इससे प्रसूता की हालत भी गंभीर हो गई। परिजनों के हंगामे के बाद महिला को पहले निजी अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज बस्ती रेफर किया गया, जहां ऑपरेशन कर नवजात का सिर निकाला गया।

कलवारी थाना क्षेत्र के मुरादपुर निवासी प्रेमा देवी सात माह की गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार शाम को पति नीरज कुमार उसे लेकर सीएचसी कुदरहा बनहरा पहुंचे। आरोप है कि गर्भवती को महिला स्टाफ ने तुरंत दर्द का इंजेक्शन दे दिया।

सात माह की गर्भवती को रेफर करने के बजाय जबरन नॉर्मल प्रसव कराने का प्रयास किया। आरोप है कि डिलीवरी के दौरान स्टाफ नर्स ने नवजात के धड़ को इतनी तेज खींचा कि उसका सिर अलग हो गया। धड़ बाहर निकल गया और सिर गर्भाशय में ही फंसा रहा।

यह देख महिला स्टाफ के होश उड़ गए। हालत गंभीर बताते हुए उसे बगल के ही एक निजी अस्पताल में भेज दिया। वहां से चिकित्सक ने मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया। वहां ऑपरेशन कर गर्भाशय से सिर निकाला गया। मेडिकल कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. कल्पना मिश्रा ने बताया कि ऑपरेशन करके बच्चे का सिर निकाला गया। मरीज पूरी तरह अब सुरक्षित है।
विज्ञापन

कोख में ही उजड़ गई ममता
मां बनने का सपना लेकर अस्पताल पहुंची प्रेमा देवी के लिए यह दिन जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द बन गया। सात महीने की गर्भवती प्रेमा प्रसव पीड़ा में कराहते हुए सीएचसी कुदरहा पहुंची थी लेकिन कुछ ही घंटों में उसकी दुनिया उजड़ गई। मां की कोख में ही मासूम की जिंदगी खत्म हो गई।

घटना गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी। ऐसे केस में हॉयर सेंटर रेफर करना होता है। कैसे चूक हुई, इस बारे में जानकारी ली जाएगी: डाॅ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें