बस्ती। नरहरिया मोहल्ले को वार्ड नंबर एक का तमंगा हासिल है, मगर सुविधाएं अधूरी हैं। यहां नाली का पानी सड़क पर बहता है। नई बाजार से वार्ड में घुसते ही सड़क तो बेहतर है। जैसे-जैसे वार्ड में बढ़ते जाएंगे, विकास की हकीकत दिखने लगेगी।
वार्ड के भीतर बनरही में सड़क नीचे है और नाली एक फिट ऊपर है। बरसात के मौसम में बनरही चौराहे से लेकर खवास बारी तक सड़क तालाब बन जाती है। इस इलाके में रहने वालों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।
वार्ड में रहने वालों की संख्या ठीक-ठाक है। मकान की बनावट यह बताती है कि यहां रहने वाले लोग संपन्न हैं। फिर भी नगर पालिका प्रशासन की अनदेखी से समस्याओं से जूझने के लिए मजबूर हैं। नरहरियास से बनरही तक तरफ बढ़ते ही सड़क जर्जर हो जाती है। नाली का पानी सड़क पर जगह-जगह बह रहे हैं। लोग इस पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं।
नाली देखने से लग रही थी कि जैसे कई महीने से सफाई नहीं कराई गई है। वार्ड के लोगों का कहना है कि इस समस्या से कई बार नगर पालिका प्रशासन को अवगत कराया गया, मगर उनकी आवाज नक्कार खाने में तूती साबित हो रही है।
इस वार्ड का एक रास्ता सीधे गोरखपुर-लखनऊ हाईवे को भी जोड़ता है, मगर नरहरिया से आगे बढ़ते ही सड़क जर्जर हो जाती है। वार्ड के अलावा अन्य लोग इसी जर्जर सड़क से हाईवे जाते हैं। वार्ड के लोगों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन यदि इस सड़क की मरम्मत करा दे तो लोगों में आने-जाने में सुविधा होगी।
वार्ड के भीतर एक तालाब भी
है। बरसात में इसका पानी सड़क पर आ जाता है। पंपिंग सेट लगाकर वार्ड के भीतर से पानी निकालना भी पड़ता है। इसके बावजूद जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए कोई मुकम्मल व्यवस्था अब तक नहीं हो पाई है।