जिला अस्पताल में टीका लगवाने के लिए पहुंचे लोग। संवाद
बस्ती। जिला अस्पताल में पिछले 10 दिन से एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं है। इसकी वजह से कुत्ते और बंदर के हमले में घायल पीड़ित को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि एंटी रैबीज वैक्सीन खत्म हो गया है, डिमांड भेजा है, जल्द उपलब्धत हो जाएगी।
बताया गया कि अब तक कुल 25 लोग वैक्सीन न होने की वजह से वापस लौटे हैं। वह बाहर महंगे दर पर वैक्सीन लगवाने को मजबूर हैं। कुत्ता, बंदर और बिल्ली के काटने के बाद रैबीज का इंजेक्शन 24 घंटे के अंदर लगवाना होता है। सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्पताल, कैली सहित निजी अस्पतालों में रैबीज इंजेक्शन की व्यवस्था है।
इसके लिए शासन ने भी निर्देशित किया है कि एआरवी का इंजेक्शन अस्पतालों पर होना चाहिए। जिला अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। एंटी रैबीज वैक्सीन की अनुपलब्धता होने से मरीजों को परेशानी हो रही है।
अस्पताल प्रशासन की इस लापरवाही से मरीजों को निराश होकर वापस जाना पड़ रहा है। ऐसे में रोगियों को निजी अस्पतालों की तरफ रुख करना पड रहा है।
शुक्रवार को जिला अस्पताल में एक-दो लोग कुत्ते के काटने के बाद एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने आए थे। सीरम न होने की वजह से उन्हें लौटना पड़ा।