बस्ती। खुद को हृदयरोग विशेषज्ञ बताने वाले चिकित्सक की डिग्री को जांच टीम ने संदिग्ध बताते हुए उसकी जांच कराए जाने की संस्तुति की है। चिकित्सक ने एक नवजात की 2-डी जांच कर दिल में सुराख होने की रिपोर्ट दी थी, गनीमत रही कि उस रिपोर्ट के आधार पर नवजात का इलाज नहीं किया गया था।
राम मनोहर लोहिया आईएमएस लखनऊ में नवजात की हुई जांच में दिल में सुराख की रिपोर्ट गलत पाई गई है। डिप्टी सीएमओ डॉ. एसबी सिंह का कहना है कि जिस प्रकरण की शिकायत पर जांच की गई थी, उसी की जांच सीआरओ कीर्ति प्रकाश भारती और सीएमओ डॉ. राजीव निगम कर रहे हैं। चिकित्सक खुद को डिप-कार्ड बताते हैं, सीआरओ की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आते ही चिकित्सक के इलाज पर रोक लगाने के साथ ही उसकी डिग्री की जांच के लिए स्टेट मेडिकल काउंसिल को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके अलावा गलत रिपोर्ट देने के मामले में भी कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि पुरानी बस्ती थाना अंतर्गत गिदही खुर्द निवासी मो. इमरान ने दक्षिण दरवाजा स्थित एक हॉस्पिटल के खिलाफ इलाज में लापरवाही और धन उगाही का आरोप लगाते हुए डीएम कार्यालय में शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर जिला अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल शर्मा और डिप्टी सीएमओ डॉ. एसबी सिंह की टीम ने जांच किया। जांच में पाया गया कि नवजात का इलाज कर रहे चिकित्सक ने उसके दिल में सुराख का अंदेशा जताते हुए स्टेशन रोड स्थित हृदय रोग विशेषज्ञ के यहां जांच के लिए भेजा था।
हृदय रोग विशेषज्ञ ने 2-डी इको जांच कर अपनी रिपोर्ट में कहा था कि नवजात के दिल में सुराख है। आरएमएल लखनऊ में हुई जांच में ऐसा कुछ नहीं मिला है। वहीं, प्रकरण में अभी तक कार्रवाई न होने पर मंगलवार को पीड़ित सीओ सिटी के यहां प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। पीड़ित पक्ष का कहना है कि कार्रवाई न होने पर आयुक्त से फिर मिलेंगे। जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री तक शिकायती पत्र भेजेंगे।
कोट
जिस डॉक्टर ने हृदय रोग विशेषज्ञ बनकर बच्चे की जांच कर दिल में सुराख होने की पुष्टि की थी, उच्चस्तरीय जांच में ऐसा नहीं मिला। संदिग्ध डॉक्टर की डिग्री की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई होगी।
-डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती।