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Basti News: मियाद बीती...एक साल बाद भी चालू नहीं हो सकी क्रिटिकल केयर यूनिट

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मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर यूनिट।
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बस्ती। गोरखपुर-लखनऊ की तरह महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज बस्ती को अपग्रेड करने की योजना तीन साल पहले बनी थी। जनवरी 2025 में यहां एनएचएम के तहत 50 शैय्या वाला क्रिटिकल केयर यूनिट चालू होना था। इसके लिए 50 लाख रुपये की परियोजना स्वीकृति हुई।
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निर्माण एजेंसी राजकीय निर्माण निगम की लापरवाही इस कदर भारी पड़ी कि दूसरी जनवरी आने को है अभी यह परियोजना पूर्ण नहीं हो सकी। जिससे गंभीर मरीजों के पहुंचने पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन हाथ खड़े कर दे रहा है। बता दें कि मेडिकल कॉलेज में वेंटीलेटर, आईसीयू आदि की सुविधा न होने का हवाला देकर ऐसे मरीजों को रेफर कर दिया जा रहा है। बस्ती में गंभीर मरीजों को त्वरित उपचार दिए जाने के उद्देश्य से एनएचएम के अधीन 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट आवंटित हुआ था।
प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद तय हुआ कि इसकी स्थापना मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय परिसर में की जाएगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज ने जगह भी उपलब्ध कराएगी। व्यवस्था बनी कि सीएमओ की मॉनीटरिंग में एनएचएम के तहत इस यूनिट का संचालन होगा और मेडिकल कॉलेज प्रशासन इसमें चिकित्सीय सेवा की जिम्मा संभालेगा।
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तीन साल पहले बजट भी आवंटित हुए। निर्माण की जिम्मेदारी राजकीय निर्माण निगम को सौंपी गई। वर्ष 2024 के आखिरी माह तक यह परियोजना पूर्ण होनी थी। मगर निर्माण कार्य में शुरू से ही लापरवाही सामने आई। तत्कालीन डीएम ने निरीक्षण के दौरान तीन बार कार्यदाई संस्था को सख्त हिदायत देते हुए परियोजना पूर्ण करने की चेतावनी दी। कार्यदाई संस्था ने पहले जनवरी 2025 और बाद में 31 मार्च 2025 तक परियोजना पूर्ण करने का समय भी मांगा। बावजूद इसके यह परियोजना अभी पूर्ण नहीं हुई है।
मौजूदा समय में भवन निर्माण का कार्य तो किसी तरह पूरा कर लिया गया है कि लेकिन, पेंटिंग, टाइलीकरण, साज-सज्जा अन्य कार्य अभी आधे-अधूरे स्थिति में है। माना जा रहा है कि एक साल बाद जनवरी 2026 में भी यह भवन सीएमओ को हस्तांतरित नहीं हो सकेगा।
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