बस्ती। पूर्वांचल की सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा का आगाज होते ही बस्ती शिवमय हो उठी है। शुक्रवार से श्रद्धालुओं की आवाजाही तेज हो गई। अयोध्या से बस्ती तक फोरलेन पर भगवा वस्त्रधारी कांवड़ियों का कारवां नजर आने लगा है। अयोध्या से सटी गुरु वशिष्ठ की नगरी बस्ती शिवनगरी बनने को आतुर है।
अयोध्या के पवित्र सरयू तट से जल भरकर शिवभक्त नंगे पांव करीब 70 किलोमीटर की यात्रा कर भदेश्वर नाथ धाम पहुंच रहे हैं। गांव, कस्बों और शहरों से श्रद्धालुओं के जत्थे लगातार अयोध्या की ओर रवाना हो रहे हैं, जबकि सरयू जल लेकर लौटने वाले कांवड़ियों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। शुक्रवार देर शाम से अयोध्या-बस्ती हाईवे पर कांवड़ियों की आवाजाही लगातार बढ़ने लगी, जो अगले चार दिनों तक जारी रहेगी।
जनपद सीमा घघौआ, विक्रमजोत और छावनी क्षेत्र में कांवड़ियों की भीड़ बढ़ गई है। शनिवार सुबह तक कांवड़ियों का रेला हर्रैया पहुंचने की संभावना है। भक्ति का उत्साह ऐसा है कि पैरों में पड़े छाले और कंकरीली राह भी श्रद्धालुओं के कदम नहीं रोक पा रही है। कंधों पर कांवड़, तन पर भगवा वस्त्र और मुख से गूंजता ‘बोल बम’ का उद्घोष पूरे वातावरण को भक्तिमय बना रहा है।
कांवड़ यात्रा में कई श्रद्धालु 101 और 151 लीटर जल की कांवड़ लेकर चल रहे हैं, जबकि कुछ शिव स्वरूप धारण कर आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इस बार कांवड़ यात्रा में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और जलाभिषेक की व्यवस्थाएं की हैं।
वहीं नगर पंचायत रुधौली के मुड़ियार तिराहे से 35 युवाओं का जत्था स्केटिंग करते हुए कांवड़ यात्रा में रवाना हुआ है। टीम की अगुवाई स्केटिंग एक्सपर्ट कन्हैयालाल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके इस ग्रुप में बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, कुशीनगर, आंबेडकरनगर, गोंडा, बाराबंकी, बहराइच, अयोध्या, देवरिया, आजमगढ़ जिले के युवा श्रद्धालु शामिल हैं।