बस्ती। ठंड ने दस्तक दे दी है। शैक्षिक सत्र की भी आधे से अधिक अवधि बीत चुकी है। परिषदीय स्कूलों में अभी भी बच्चों के स्कूल ड्रेस, स्वेटर, जूता- मूजा के मद के रुपये अभिभावकों के खाते में नहीं पहुंचे हैं। अभी तक जिले भर में 20 हजार 772 बच्चे इस स्वेटर, ड्रेस, जूता-मोजा आदि से वंचित है। इसके लिए अभिभावकों के खातों में रुपये ही स्थानांतरित नहीं किए गए हैं।
शासन स्तर से परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए प्रत्येक शैक्षिक सत्र में स्वेटर, ड्रेस, जूता- मोजा और स्टेशनरी के मद में डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के खाते में प्रति छात्र 1200 रुपये उपलब्ध कराए जाते हैं। दो साल बीत गए विभाग इन बच्चों की ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं कर सका है। जिससे शासन स्तर से सीधे डीबीटी के माध्यम से रुपये भेजने में कठिनाई आ रही है। इस साल परिषदीय बच्चों की कुल संख्या एक लाख 66 हजार 873 है। इसमें से एक लाख 46 हजार 101 बच्चों के अभिभावकों के खाते में ही ड्रेस, स्वेटर, जूता-मोजा, स्टेशनरी के मद के रुपये भेजे गए हैं।
20 हजार 772 बच्चे अभी इस योजना से वंचित है। विभाग के अनुसार 14 हजार ऐसे बच्चे चिह्नित किए गए हैं जिनके अभिभावकों ने अभी तक आधार कार्ड ही नहीं जमा किया है। जिससे इनके बैंक खातों से आधार लिंक नहीं हो पा रहा है। इन बच्चों के लिए इस मद के रुपये आने की संभावना कम हो गई है। केवल वंचित 6672 बच्चों की डीबीटी प्रक्रिया पूरी है। इन्हीं से संबंधित अभिभावकों में इस मद का धन भेजा जाना है।
इस बाबत बीएसए अनूप कुमार तिवारी ने कहा कि जिन बच्चों की डीबीटी प्रक्रिया पूर्ण है। निदेशालय स्तर से उनके अभिभावकों के खातों में धन स्थानांतरित किया जा रहा है। शेष बच्चों की प्रक्रिया पूर्ण कराने के लिए प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं। अभिभावकों को भी योजना का लाभ लेने के लिए रूचि दिखानी चाहिए।