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बनने की जगह बिगड़ रही कैली की सेहत

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बेकार पड़ा ओपीडी भवन। - फोटो : amar ujala
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बस्ती। ओपेक चिकित्सालय कैली को पहले मिनी पीजीआई कहा जाता था। लेकिन तेल उत्पादक देशों ने जब हाथ खींच लिया तो हालत बिगड़ने लगी। यहां लगी महंगी जांच मशीनों को चलाने वाले विशेषज्ञ ही नहीं हैं। अन्य समस्याओं पर भी कैली प्रबंधन ने कई रिमाइंडर शासन को दिया लेकिन आश्वासन के शिवा कुछ हासिल नहीं हो सका है। 
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करीब तीन महीने पहले दौरे पर पहुंचीं प्रमुख सचिव रेणुका कुमार, उसके बाद प्रभारी मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने जरूरत की सूची भेजने के निर्देश चिकित्सालय प्रशासन को दिए, मगर सूची शासन में पहुंचने के बाद कहां चली गई किसी को पता नहीं। ओपेक चिकित्सालय कैली की स्थापना के करीब दो दशक बीत चुके हैं। शुरुआत में खोले गए कई विभाग विशेषज्ञों की कमी के चलते बंद कर देने पड़े। प्रदेश में भाजपा सरकार गठन के बाद स्वास्थ्य को लेकर सक्रियता बढ़ी तो ओपेक चिकित्सालय कैली पर भी सबकी नजर गई। पहले यहां पहुंची शासन की प्रमुख सचिव रेणुका कुमार। यहां के हालात जाने इसे व्यवस्थित करने का वादा करने के बाद वह लौट गईं। इसके बाद इस अस्पताल की विशेषता स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के संज्ञान में आई तो वह भी अस्पताल में मय दल-बल पहुंच गए। जांच-पड़ताल के बाद यह आश्वासन दिया कि इस अस्पताल को चमका दिया जाएगा, मगर वादों की तमाम कवायदों के लिए अस्पताल प्रशासन को जरूरत और समस्याएं शासन को भेजने के निर्देश दिए। इस निर्देश की कड़ी में कैली प्रशासन ने करीब तीन दर्जन से अधिक अनुस्मारिका पत्र शासन को भेज दिए, मगर किसी भी समस्या का निदान नहीं हो सका। 

यह है अस्पताल की जरूरत 
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को व्यवस्थित करना, ओपीडी ब्लॉक का हस्तांतरण, बाउंड्री वॉल निर्माण, पक्के सड़क का निर्माण, आवासीय और प्रशासनिक भवन के अलावा नर्सेज हॉस्टल का हस्तांतरण। रैन बसेरा, कम्युनिटी हॉल, वाहन स्टैंड तथा जेई-एईएस के 80 शैय्या आईसीयू के निर्माण कराने का पत्र शासन को भेजा गया है। 
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प्रयास जारी 
ओपेक चिकित्सालय कैली के निदेशक डॉ. अरुण कुमार कहते हैं कि अस्पताल को व्यवस्थित करने के लिए पूरा प्रयास जारी है। निर्माण कार्य में शासन ही कुछ कर सकता है। ऐसे में लगातार शासन से पत्राचार जारी है। जो डिमांड भेजी गई है। उसमें डॉक्टरों की भी जरूरत को दर्शाया गया है। यह सब कुछ मिले तो कैली का रूप निखर जाएगा। 

निर्माण निगम ने की 15 करोड़ की मांग 
निर्माण निगम के सहायक अभियंता आलोक कुमार ने बताया कि ओपेक चिकित्सालय कैली को व्यवस्थित करने के लिए शासन को 15 करोड़ रुपये की डिमांड भेजी गई है। धन मिलते ही वहां अधूरे कार्य पूरे करा दिए जाएंगे। 
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