115 परिवारों के रहने वाली कॉलोनी की सुरक्षा हो रही बाधित
60 साल पुरानी चहारदीवारी जगह-जगह से हो रही क्षतिग्रस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। रेलवे स्टेशन परिसर व कॉलोनी की 60 साल पुरानी चहारदीवारी जगह-जगह से ढहती जा रही है। यहां रहने वाले 115 परिवारों के आवासों समेत पूरी सर्कुलेटिंग एरिया असुरक्षित हो गई है। बावजूद इसके जिम्मेदार इसके प्रति गंभीर नहीं हैं।
बस्ती रेलवे स्टेशन के गेट नंबर एक व दो से सटकर चीनी मिल रेलवे क्रॉसिंग के करीब श्याम नगर काॅलोनी की दूसरी तरफ रेलवे ने 1962 में चहारदीवारी बनाई थी। यह चहारदीवारी जहां जीआरपी थाना, इंजीनियरिंग सेक्शन, रेलवे अस्पताल व अन्य कार्यालयों की सुरक्षा करती है, वहीं इसके अंदर सरकारी आवासों में रहने वाले 115 परिवारों को भी सुरक्षित करती है।
करीब 10 साल से इस चहारदीवारी की हालत खस्ता होती जा रही है। 2013 में चहारदीवारी का कुछ हिस्सा जब ढहा तो वर्क डिवीजन ने उसे चार साल बाद दुरुस्त करवाया और बाकी हिस्सा वैसे छोड़ दिया। इधर फिर करीब सौ मीटर लंबी यह चहारदीवारी तीन जगहों पर सात से छह मीटर ढह चुकी है, लेकिन इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। रेलवे कॉलोनी के परिवारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इसके लिए कई बार वर्क डिवीजन से अनुरोध किया गया, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं की गई। नतीजतन दिन-रात चोरी का भय बना रहता है।
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भेजी गई है कार्ययोजना
एनईआर बस्ती खंड के सीनियर सेक्शन इंजीनियर सचींद्र बहादुर सिंह ने बताया कि पूरी चारदीवारी की कार्ययोजना बनाकर रेलवे बोर्ड को भेजा गया है, जल्द ही पूरी चारदीवारी नए सिरे से दुरुस्त की जाएगी।