सुरक्षा बलों की तैनाती का खींच रहे खाका
बस्ती। पंचायत चुनाव के वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया तेज होने के साथ ही मतदान केंद्रों पर शांति-सुरक्षा के लिए रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है। खास तौर से चार श्रेणी सामान्य, संवेदनशील, अति संवेदनशील और अति संवेदनशील प्लस मतदान केंद्रों पर आदर्श आचार संहिता कायम रखने में सक्षम सुरक्षा बलों की तैनाती का खाका खींचा जा रहा है।
पंचायत चुनाव में केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों के आवंटन की स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं है। ऐसे में पुलिस एक प्लान बी भी तैयार कर रही है, जिसमें बिना पैरा मिलिट्री फोर्स के मतदान कराने की रणनीति तैयार की जा रही है, ताकि किसी भी दशा में शांति व्यवस्था प्रभावित न होने पाए। उधर बलों के ठहरने के लिए ब्लॉकवार स्थल चयन किया जा रहा है। ताकि जरूरत के हिसाब से बूथों पर उनकी तैनाती की जा सके। 2015 में दो फेज में संपन्न हुए पंचायत चुनाव के पहले फेज में जिला और क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए मतदान कराया गया था। कुछ जगहों पर मतपेटियों को लूटने, मतदान कर्मियों को बंधक बनाने जैसी घटनाएं हुई थीं।
हालात यहां तक बिगड़े थे कि बीच चुनाव में तत्कालीन एसपी का तबादला कर दिया गया था। हालांकि बाद में प्रशासन ने सख्ती दिखाई तो दूसरा फेस कुशलता पूर्वक संपन्न हुआ था। एसपी हेमराज मीणा का कहना है कि मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता को कम करने के लिए पहले से ही प्रयास चल रहे हैं। अगले चरण में सुरक्षा प्रबंध का खाका खींचा जा रहा है। इसमें बूथों का भ्रमण करके एक रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है, जिसमें सभी जरूरी सूचनाएं शामिल हैं।
एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि जनपद के थानों पर नियुक्त ग्राम प्रहरियों की रविवार को गोष्ठियां की गईं। गोष्ठियों में आगामी पंचायत चुनाव और होली के बारे में जानकारी ली गई। कहा गया कि ग्राम प्रहरी अपनी जिम्मेदारी को समझें और सूचनाओं को एकत्र करने के लिए सजग रहें। अपने-अपने क्षेत्रों में संदिग्ध लोगों पर नजर रखें, जिससे कोई वारदात होने से पहले ही पुलिस को सूचना मिले सके। चौकीदार बीट उपनिरीक्षक और आरक्षी के फोन नंबर भी अपने पास रखें, ताकि समस्या हो तो तत्काल कॉल कर अपने अधिकारियों को समय से अवगत करा सकें।