वाल्टरगंज। बुखार के मरीज को ताबड़तोड़ तीन इंजेक्शन लगाने वाले झोलाछाप की क्लीनिक दूसरे दिन भी नहीं खुली। लोगों का कहना है कि उसके अपने मकान में क्लीनिक है,जहां उसकी कार भी खड़ी है। लेकिन न तो इंजेक्शन लगाने वाला कथित डॉक्टर नजर आया न ही उसकी क्लीनिक और मेडिकल स्टोर का ताला खुला। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि शुक्रवार को टीम गई थी लेकिन वहां ताला लगा था। उस पर नजर रखी जा रही है। उधर, एसओ उमाशंकर तिवारी ने बताया कि परिवार के लोगों ने सूचना देकर पोस्टमार्टम कराने को कहा था। इसलिए पोस्टमार्टम करवाकर शव को पिता को सौंप दिया गया। उन लोगों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
बता दें कि थाना क्षेत्र के उसका गांव निवासी 19 वर्षीय अखिलेश उर्फ़ अकला पुत्र साधू राजभर की बृहस्पतिवार देर शाम लगभग सात बजे तबीयत खराब हुई। उसे बुखार तेज बुखार होने पर परिवार के लोग गौरा चौराहे पर स्थित जय अम्बे क्लीनिक/जय अम्बे मेडिकल स्टोर पर ले गए। वहां के बंगाली झोलाछाप ने उसे एक के बाद एक तीन इंजेक्शन लगा दिया। जिससे वह बेहोश हो गया। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गईं थी। पिता साधू राजभर ने झोलाछाप पर आरोप लगाया है। पिता का कहना है कि कार्रवाई कराएंगे।