जिला पंचायत : बहुमत के साथ 27 सदस्यों के विरोध ने फंसाया नए बजट का प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला पंचायत में इस बार अध्यक्ष, एएमए और सदस्यों की टीम का दो फाड़ हो गया है। 15 फरवरी की बैठक के दौरान मचा घमासान अभी शांत नहीं हुआ है। इस बार 27 सदस्यों का विरोधी खेमा बहुमत में है और आरपार की लड़ाई लड़ने का संकेत भी मिल रहा है। इससे आगामी सत्र के लिए प्रस्तावित 53 करोड़ 93 लाख 5763 रुपये के बजट की स्वीकारोक्ति पर फिलहाल असमंजस की स्थिति है।
पंच वर्षीय कार्यकाल के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्यों के बीच कई बार अनबन की बात सामने आई, मगर भाजपा के कद्दावर नेताओं और प्रशासनिक अफसरों के हस्तक्षेप से मामला शांत होता रहा है। अंतिम दौर में आकर बोर्ड की बैठक की प्रक्रिया आखिरकार उलझ गई। जिला पंचायत में विवाद की नींव पुराने भवन के ध्वस्तीकरण के समय ही पड़ गई थी।
विरोध में उतरे सदस्यों का कहना है कि दो साल जिस जिला पंचायत अध्यक्ष के कार्यालय भवन के मरम्मत कार्य पर 50 लाख रुपये खर्च किए गए उसी भवन को बगैर सदन में प्रस्ताव पारित किए ध्वस्त करा दिया गया। दो करोड़ की लागत से इस भवन को अब नया बनाया जा रहा है। 15 फरवरी को बोर्ड की बैठक के दौरान यह मामला गरमाया तो सदन में जमकर हंगामा हुआ।
इसी के बाद 27 जिला पंचायत सदस्य लामबंद होकर विरोध पर उतर आए। इस खेमे की अगुवाई भाजपा के ही जिला पंचायत सदस्य प्रमोद कुमार उर्फ गिल्लम चौधरी कर रहे हैं। नाराज सदस्यों का खेमा जिला पंचायत में कमीशनखोरी का भी खुला आरोप लगा चुका है। उधर, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी और एएमए विजय प्रकाश वर्मा की तरफ से 15 फरवरी को आयोजित बोर्ड के बैठक की कार्रवाई पूर्ण किए जाने की अधिकारिक पुष्टि लगातार की जा रही है।
मूल वित्तीय बजट 2025-26 के लिए 53 करोड़ 93 लाख 5763 रुपये का प्रस्ताव पारित होना बताया जा रहा है। इसी के बाद सदस्यों ने आंदोलन को और तेज कर दिया है। नाराज 27 सदस्य इस मामले को लेकर कमिश्नर को ज्ञापन सौंप चुके हैं। कमिश्नर से 15 फरवरी की बोर्ड की बैठक को शून्य करने की मांग की है। सदस्यों ने ऐसा न होने पर सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की चेतावनी दी है। अब गेंद कमिश्नर के पाले में हैं। फिलहाल बैठक की कार्रवाई उलझी हुई है। अंदरखाने की खबर हैं कि नाराज पंचायत सदस्यों को मनाने के लिए हर स्तर के दांव पेच अपनाए जा रहे हैं।
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कोट
15 फरवरी की बैठक की कार्रवाई पूर्ण नहीं हुई थी। प्रस्ताव एक और दो के पेश होने के दौरान ही विरोध होने लगा था। नाराज 27 सदस्य सदन से बाहर आ गए थे। डीएम और सीडीओ को बैठक निरस्त करने का पत्र भी सौंपा गया था। बावजूद इसके सदस्यों की बगैर सहमति के प्रस्ताव पारित कर दिया गया। ऐसे में जब तक उक्त बैठक शून्य नहीं घोषित होगी सदस्य चुप नहीं बैठेंगे।
-प्रमोद कुमार उर्फ गिल्लम चौधरी, जिला पंचायत सदस्य।
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सदस्यों द्वारा बैठक को शून्य करने की मांग की गई है। मामले की निष्पक्षता से जांच कराने का आश्वासन दिया गया है। सत्यता से अवगत होने के बाद समुचित कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश सिंह, कमिश्नर, बस्ती मंडल