आल्हा गायन में प्रस्तुति देते गायक व स्रोत आयोजक
महराजगंज। रामप्रसाद चौधरी के आवास पर आयोजित पारंपरिक आल्हा गायन में सियरापार के आल्हा गायक राजकुमार चौधरी ने अपनी दमदार आवाज में ‘माड़व की लड़ाई’ का प्रसंग प्रस्तुत कर वीर रस का ऐसा रंग जमाया कि श्रोता देर रात तक मंत्रमुग्ध होकर आल्हा सुनते रहे।
आल्हा की शुरुआत होते ही ढोलक की थाप के साथ वीरगाथाओं की गूंज वातावरण में फैल गई। रणभूमि में वीरों की हुंकार, शौर्य और पराक्रम का वर्णन करते हुए राजकुमार चौधरी ने अपनी प्रभावशाली गायन शैली से ‘माड़व की लड़ाई’ को जीवंत कर दिया। ‘रणभूमि में जब वीरों की हुंकार गूंजी, तो माड़व की धरती भी वीरता की गाथा सुनाने लगी’ जैसी पंक्तियों के साथ प्रस्तुति ने श्रोताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कार्यक्रम में ठुठवा, मदही, देवरी, महादेवरी, पेड़ारी, समौड़ी, उभाई, पिनेसर और खैरी ओझा समेत आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे।
रामकृष्ण, लल्लू चौधरी और रामसूरत ने सहयोग किया, जबकि ढोलक पर बूढ़न महराज की संगत ने प्रस्तुति में और जान डाल दी। वरिष्ठ भाजपा नेता हरिद्वार मिश्रा, रवि दूवे, अशोक मिश्रा, दिवाकर पांडेय, बब्लू शुक्ल, दुःखहरण शुक्ला, अमर नउदयभान पांडेय और द्वारिका पांडेय मौजूद रहे। संवाद