डेगरहा गांव में तीसरे दिन भी सन्नाटा। संवाद
बस्ती। गौर थाना क्षेत्र के डेगरहा गांव में पुलिस के हमले के बाद तीसरे दिन मंगलवार को भी सन्नाटा पसरा रहा। गांव से पुरुष पलायन कर चुके हैं। सिर्फ महिलाएं ही गांव में बची हैं। बच्चे भी घर छोड़ चुके हैं। गौर पुलिस तीन दिन बाद भी नामजद आरोपियों को नहीं पकड़ पाई है। एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने एसओजी समेत तीन टीमें आरोपियों को पकड़ने के लिए लगा दी गई हैं।
एसपी ने बताया कि दुष्कर्म व पाॅस्को एक्ट के वारंटी विपिन कुमार के मामा राम कुमार पर पहले से कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं है, मगर अब तक की छानबीन में पता चला है कि वह मनबढ़ है। कानून को हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। उधर, हमले के बाद मंगलवार को नामजद आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस टीमों ने ताबड़ तोड़ दबिश दी। रिश्तेदारों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। कुछ लोग उठाए भी गए हैं, मगर पुलिस इससे इन्कार कर रही है। गांव में सन्नाटा पसरा है।
बता दें कि शनिवार की रात चौकी प्रभारी टिनिच हरि राय व उनके हमराही शिवपुर गांव निवासी दुष्कर्म व पाॅक्सो एक्ट के वारंटी विपिन कुमार को पकड़ने डेगरहा गांव गई थी। इसी बीच आरोपी के मामा राम कुमार व अन्य लोगों ने पुलिस पर चोर-चोर कहते हुए हथियार लहराते हुए हमला बोल दिया था। हमलावरों के हाथों में धारदार हथियार भी थे। नोकझोंक और घेराबंदी के बीच एक पुलिसकर्मी की वर्दी भी फट गई थी। चार पुलिसकर्मियों ने रविवार को सीएचसी में डॉक्टरी भी कराई थी। इस भीड़ और रात होने का फायदा उठाते हुए सभी आरोपी भागने में सफल हो बए थे। मामले में पुलिस ने छह नामजद और कुछ अज्ञातों पर प्राथमिकी दर्ज है।