बस्ती। माध्यमिक शिक्षा परिषद से संचालित माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले नौवीं से 12वीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं के आवेदन फॉर्म की दो स्तर पर बारीकी से जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य अंकपत्र में किसी प्रकार की गड़बड़ी रोकना है। गड़बड़ी होने पर छात्रों और अभिभावकों दोनों को भागदौड़ और परेशानी झेलनी पड़ती है।
जिले में राजकीय, सहायता प्राप्त और माध्यमिक विद्यालयों में नौवीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। कक्षा नौ से ही बोर्ड परीक्षा को लेकर तैयारी शुरू हो जाती है और आवेदन व परीक्षा फॉर्म भरवाए जाते हैं। आवेदन में नाम और अक्षरों में अंतर होने पर छात्रों को अंकपत्र में सुधार के लिए परेशानी होती है। वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षा में परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र में नाम, पिता का नाम और अन्य विवरण में त्रुटियों के मामलों में बोर्ड की तरफ से विद्यालय प्रशासन से विवरण मांगा गया है। छात्रों का कहना है कि डेटा अपलोड और सत्यापन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सटीक बनाई जाए, ताकि भविष्य में अंकपत्र संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या से न जूझना पड़े। इस वर्ष बोर्ड की तरफ से नई व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत आवेदन के बाद दो स्तरों पर जांच की व्यवस्था की गई है। इसमें विद्यालय स्तर पर छात्रों के सभी अभिलेख जैसे नाम, जन्मतिथि, विषय, चयन और अन्य विवरण को सावधानीपूर्वक मिलान करते हुए फॉर्म भरा जाएगा। इसके बाद पहली जांच स्कूल स्तर पर और दूसरी जांच संबंधित अधिकारियों की तरफ से की जाएगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि बोर्ड से जारी दिशा निर्देशों के अनुपालन के लिए जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी किया गया है।