बस्ती। आरटीओ कार्यालय में दलालों के दखल पर अब शिकंजा कसने की तैयारी है। परिवहन विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से कार्यालय के आसपास सक्रिय बिचौलियों पर नजर रखेंगे। बुधवार को आरटीओ कार्यालय छबिलहा खोर के सामने टीन-छप्पर लगाकर बैठने वाले संदिग्ध लोगों के खिलाफ पुलिस और परिवहन विभाग की टीम ने कार्रवाई की।
सीओ सिटी मानसी और एआरटीओ प्रशासन माला बाजपेई के नेतृत्व में हुई छापेमारी के दौरान चार संदिग्धों को पूछताछ के लिए पुलिस साथ ले गई थी। देर शाम पूछताछ के बाद सभी को छोड़ दिया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, परमिट और फिटनेस समेत विभिन्न कार्यों में बिचौलियों की भूमिका से संबंधित जानकारी सामने आई है। कार्यालय के विभिन्न पटलों पर फाइलों के निस्तारण के नाम पर लिए जाने वाले कथित सुविधा शुल्क के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
सीओ सिटी मानसी ने आमजन से अपील की है कि वाहन और ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित कार्य के लिए परिवहन विभाग के अधिकारियों से सीधे संपर्क करें। किसी बिचौलिए के माध्यम से काम कराने से बचें।
400 से अधिक फर्जी हैवी डीएल का मामला सामने आ चुका है
करीब तीन माह पहले परिवहन विभाग के आरआई कार्यालय से बैकलॉग आवेदन के आधार पर बड़े पैमाने पर फर्जी हैवी ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाने का मामला सामने आया था। इनमें आंध्र प्रदेश समेत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के आवेदनों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई थी। मामले की विभागीय, तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर अलग-अलग जांच कराई गई थी। जांच में 400 से अधिक फर्जी डीएल जारी किए जाने का खुलासा हुआ। मामले में तत्कालीन आरआई सीमा गौतम को निलंबित किया गया था। पटल सहायक बिंदु सिंह का गोरखपुर स्थानांतरण किया गया। वहीं, बायोमीट्रिक कक्ष का काम देख रहे दो तत्कालीन संविदा वेंडरों की सेवाएं समाप्त कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
फर्जी डीएल बनवाने वाले दलाल अब तक कार्रवाई से बाहर
बड़े पैमाने पर बैकलॉग के आधार पर फर्जी हैवी डीएल बनवाने वाले कथित दलालों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। विभागीय जानकारों के अनुसार, डीएल से संबंधित फाइलों पर संबंधित एजेंट या दलाल का कोड दर्ज रहता था। इसके बावजूद अब तक किसी दलाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है। विभागीय सूत्रों का दावा है कि इस मामले में दलालों की भूमिका की जांच होने पर कई अन्य तथ्यों का भी खुलासा हो सकता है।
कोट
परिवहन विभाग के किसी भी पटल या कार्यालय में दलालों की घुसपैठ नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए सख्ती से निगरानी की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस व प्रशासन की मदद ली जाएगी।
-माला बाजपेई, एआरटीओ प्रशासन।
कोट
आरटीओ कार्यालय के सामने अनधिकृत रूप से बैठने वाले कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई है। उन्हें कार्यालय के सामने बैठने से मना किया गया है। आमजन अपने काम के लिए सीधे विभागीय अधिकारियों से संपर्क करें।
-मानसी, सीओ सिटी।