संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने दुष्कर्म के मामले में एक दोषी को 10 वर्ष सश्रम कारावास और 53 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न अदा करने पर तीन वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतनी पड़ेगी।
शासकीय अधिवक्ता जय गोविंद सिंह व कमलेश चौधरी ने अदालत को बताया कि पैकोलिया क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज की छात्रा अगस्त 2010 में स्टूडियो पर अपने कागजात की फोटो काॅपी कराने गई थी। दुकानदार लवकुश ने उसे चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। बेसुध होने पर दुकान के अंदर ही उसके साथ दुष्कर्म कर अश्लील फोटो व वीडियो बना लिया।
होश आने पर लवकुश ने उससे कहा कि उसनेअश्लील फोटो और वीडियो रिकार्डिंग कर ली है, इस बात को किसी से मत कहना नहीं तो वीडियो और फोटो को नेट पर डाल देंगे। तभी से उसे ब्लैकमेल कर उसके साथ गलत काम करता रहा।
पीड़िता ने मजबूर होकर लवकुश के घर वालों से सारी बात बता दी। लवकुश के बड़े भाई व अन्य लोग उससे जबरदस्ती कागजात पर हस्ताक्षर करवा लिए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लवकुश मिश्र के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया था। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के उपरांत लवकुश को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।