रुधौली। आजाद समाज पार्टी के युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष व बिजलपुर गांव निवासी सोनू चौधरी (22) को 36 घंटे बाद भी पुलिस खोज नहीं पाई है। उसका मोबाइल लगातार स्विच ऑफ जा रहा है, इसलिए पुलिस को उसका लोकेशन नहीं मिल पा रहा है।
ठोस मुकाम पर पहुंचने के लिए पुलिस अपहृत के मोबाइल फोन चालू होने का इंतजार कर रही है। उधर, सोनू के परिजन पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट हैं। उन्होंने विरोधियों पर सोनू का अपहरण करने का आरोप लगाया है।
उधर, पुलिस को सोनू के अपहरण की वारदात संदिग्ध लग रही है। रुधौली के सीओ कुलदीप यादव ने बताया कि अपहरण से जुड़े बिंदुओं पर जांच-पड़ताल की जा रही है। रिश्तेदारों और उसके दोस्तों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही सोनू के अपहरण के राहस्य से पर्दा उठा दिया जाएगा। पुलिस सूत्रों की मानें तो सोनू जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ा है। जिस दिन उसका अपहरण हुआ है, उस दिन उसे जमीन के किसी सौदे का भुगतान करना था।
सोनू की मां लता देवी ने बताया कि उनका बेटा कम उम्र में ही सामाजिक सेवा का कार्य शुरू कर दिया था। प्रधानी चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहा था। उसने गांव में बैनर और पोस्टर भी चस्पा कराए थे। इससे गांव के विरोधियों की नजर में सोनू चुभने लगा था। सोनू के अपहरण के पीछे विरोधियों का हाथ हो सकता है।
सोनू के बाबा बीपत भी विरोधियों पर सोनू का अपहरण कराने का आरोप लगा हैं, मगर पुलिस के गले यह आरोप नहीं उतर रहा है। सोनू के गांव में भी उसके अपहरण को लेकर तरह-तरह चर्चा है। कुछ ग्रामीणों को सोनू का अपहरण नाटक लग रहा है।
बता दें कि शुक्रवार की रात को सोनू रहस्यमय तरीके से लापता हो गया था। परिजनों ने अपहरण के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई है। अपहरण के मामले से 12 से अधिक लोगों से पुलिस पूछताछ कर चुकी है, मगर किसी ठोस नतीजों पर अब तक नहीं पहुंच पाई है।