केस दर्ज कराने के साथ ही वेतन रिकवरी की प्रक्रिया शुरू
पैन कार्ड की जांच में नौकरी हासिल करने के 11 साल बाद पकड़ में आया फर्जीवाड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। दूसरे के प्रमाण पत्र पर प्राथमिक विद्यालय में नौकरी कर रही शिक्षिका को बीएसए ने शुक्रवार को बर्खास्त कर दिया। यह जानकारी बीएसए जगदीश शुक्ल ने दी।
शासन के निर्देश पर परिषदीय विद्यालयों शिक्षकों का पैनकार्ड के सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। पैनकार्ड पूरी तरह बदले जाने के कारण जब जांच शुरू हुई तो पता चला कि 2010 से कार्यरत शिक्षिका निर्मला देवी का पता ही अपने अभिलेख में दर्ज किया था। गोंडा के मनकापुर थानांतर्गत हथनीखास की रहने वालीं निर्मला देवी का मायका बस्ती के परशुरामपुर में है। जांच में बनकटी में कार्यरत फर्जी शिक्षिका संदेह के दायरे में आई तो नोटिस गोंडा के पते पर भेजा गया तो असली शिक्षिका को फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने बीएसए कार्यालय बस्ती को इसकी जानकारी दी। बीएसए के स्तर से गठित टीम ने जब शैक्षिक अभिलेखों की जांच शुरू की तो दूसरे के नाम पर नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया।
बीएसए जगदीश शुक्ल ने बताया कि बर्खास्त शिक्षिका ने गोंडा जिले के छपिया ब्लॉक में कार्यरत शिक्षिका निर्मला देवी के शैक्षिक व अन्य प्रमाण पत्रों का गलत तरीके से प्रयोग कर नौकरी हासिल की थी। वह वर्तमान में बनकटी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बोदवल में प्रधानाध्यापिका पद पर कार्यरत थी। सेवा समाप्त करने के साथ ही बीईओ बनकटी को मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। वेतन रिकवरी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।