तेज धूप और लू से बचने के लिए मुंह ढक कर जाते लोग।
- फोटो : रमेश मिश्र
बस्ती। अप्रैल माह में सूरज की तपिश कम होने का नाम नहीं ले रही है। पारा लगातार 40 से ऊपर चल रहा है। शहर से लेकर गांव तक के लोग आसमान से बरस रही आग से परेशान है। सूरज की तपिश से बचने का हर उपाय नाकाफी साबित हो रहा है। मंगलवार को भी अधिकतम पारा 43 डिग्री रहा।
अप्रैल में पारा दो बार 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। पारा कई दिनों से 40 के ऊपर बना हुआ है। 21 अप्रैल को अधिकतम पारा 41 डिग्री सेल्सियस था तो 22 अप्रैल को यह 42 डिग्री तक पहुंच गया। 23 अप्रैल को भी पारा में गिरावट नहीं हुई वह अधिकतम 42 डिग्री सेल्सियस बना रहा। शरीर को झुलसाने वाली इस गर्मी में सुबह 10 बजे के बाद से सूरज की किरणें आग बरसाने लगती हैं। यह शरीर के किसी भी हिस्से पर पड़ती है तो लगता है कि झुलस जाएगा।
इनसे बचने का हर जतन नाकाफी साबित हो रहा है। चेहरा और शरीर पूरी तरह ढक कर चलने के बाद भी राहत नहीं मिल रही है। सुबह 10 बजे से लेकर शाम साढ़े पांच बजे तक घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। शहर में लोग जैसे तैसे सुबह आफिसों में पहुंच जाते हैं, मगर वह पांच बजे के बाद ही आफिसों से निकलना आजकल मुनासिब समझ रहे हैं। भीषण गर्मी को देखते हए परिषदीय स्कूलों ने भी अपने टाइम बदल दिए हैं। कक्षा पांच तक के स्कूल सुबह सात बजे से 11 बजे तक और जूनियर तक की कक्षाएं सात बजे से दिन में 12 बजे तक चल रही हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर मासूमों को सूरज की तपती किरणों से बचाने के लिए केंद्र का समय बदला गया है। अब केंद्र सुबह सात से 11 बजे तक संचालित हो रहे हैं। गर्मी के सितम से बचने के लिए हर कोई अपने अपने तरीके से इंतजाम करने में जुटा हुआ है।