सदर ब्लॉक का कटरा खुर्द गांव बना संवेदनशील
जिला अस्पताल के पीआईसीयू में भर्ती बच्चा मिला जेई पॉजिटिव
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सदर ब्लॉक के गनेशपुर क्षेत्र के कटरा खुर्द गांव के जेई प्रभावित होने के 24 घंटे बाद भी स्वास्थ्य टीम बुधवार को मौके पर नहीं पहुंची। विभाग दिन भर लिखा-पढ़ी में उलझा रहा। जबकि संबंधित गांव के एक डेढ़ साल का बच्चा जापानी इंसेफेलाइटिस की चपेट में आ चुका है। गनीमत यह कि परिजनों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार हो गया।
जिला अस्पताल में जापानी इंसेफ्लाइटिस (जेई) का पहला केस मिल चुका है। सदर ब्लॉक के कटरा खुर्द गांव के डेढ़ साल के बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हाईग्रेड फीवर से पीड़ित बच्चे में जेई के लक्षण पाए गए। इसके बाद चिकित्सकों ने 17 अगस्त को की खून को जांच के लिए भेजा। 20 अगस्त को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। हालांकि, तब तक बच्चा काफी हद तक ठीक हो चुका था।
बच्चे को डिस्चार्ज करघर भी भेजा जा चुका है। फिर जिला अस्पताल ने जेई पॉजिटिव रिपोर्ट आने की सूचना सीएमओ कार्यालय को दी। उम्मीद जताई जा रही थी कि अगले दिन बुधवार को संबंधित गांव में स्वास्थ्य टीम पहुंचकर बचाव कार्य शुरू करेगी। मगर, ऐसा नहीं हुआ। सीएमओ स्तर से संबंधित क्षेत्र के मरवटिया सीएचसी के अधीक्षक को टीम गठित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। बताया जा रहा है सीएचसी स्तर से निरोधात्मक कार्रवाई बृहस्पतिवार से शुरू हो पाएगी।
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जेई के चार और एईएस के मिल चुके हैं 24 केस
जिले में इस साल जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) के कुल चार केस मिल चुके हैं। जबकि एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के 24 केस मिल चुके हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। जबकि जुलाई माह में जेई-एईएस उन्मूलन के लिए संचारी रोग नियंत्रण अभियान भी चलाया गया था। इसके तहत गांव-गांव छिड़काव एवं सफाई कार्य होने थे। मगर, यह अभियान रंग नहीं ला सका। कुछ ही जगहों पर अभियान के तहत बचाव कार्य हो पाए हैं। आरोप है कि ग्राम पंचायत स्तर पर गठित स्वास्थ्य समिति की ओर से अधिकतर जगहाें पर छिड़काव भी नहीं कराया गया है। संवदेनशील गांव और मोहल्लों में भी जलजनित बीमारियों से बचाव के कार्य नहीं किए गए हैं।
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कोट
कटरा खुर्द गांव के एक बच्चे को जेई प्रभावित पाया गया है। वर्तमान उसकी हालत ठीक है। जिला अस्पताल से उसे डिस्चार्ज किया जा चुका है। अब कोई गंभीर बात नहीं है। जहां संबंधित गांव में निरोधात्मक कार्रवाई की बात है तो इसके लिए मरवटिया सीएचसी के अधीक्षक को पत्र भेजा गया है।
-डॉ. अशोक चौधरी, जिला संक्रामक रोग प्रभारी