कलक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन करने प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी व सदस्य- विज्ञप्ति
बस्ती। अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बुधवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के लोगों ने शास्त्री चौक पर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, मानव संसाधन मंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री आदि को 7 सूत्रीय ज्ञापन भेजा। निर्णय लिया गया कि सभी शिक्षक न्यायालय के आदेश के बाद उत्पन्न स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखेंगे।
जिलाध्यक्ष उदयशंकर शुक्ल ने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता से देश के 15 लाख से अधिक शिक्षकों के समक्ष नौकरी का संकट उत्पन्न हो जाएगा। शिक्षकों की नौकरियां बचाने के लिए केंद्र सरकार को पहल करनी चाहिए। कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष शिक्षकों का पक्ष प्रभावशाली ढंग से नहीं रखे जाने से यह स्थिति आई है। 10 से 16 सितंबर तक पूरे देश में संगठन के पदाधिकारी धरना प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री, मानव संसाधन मंत्री, प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, शिक्षा मंत्रियों से रचनात्मक सहयोग मांग रहे हैं।
जिला मंत्री राघवेंद्र प्रताप सिंह ने निर्णय पर पुनर्विचार की अपील की। वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेश कुमार, अभय सिंह यादव, राजकुमार सिंह, इंद्रसेन मिश्र, शैल शुक्ल, संतोष शुक्ल, देवेंद्र वर्मा, विजय प्रताप वर्मा, राम प्रकाश शुक्ल, रामभरत वर्मा, अरुण कुमार, अटेवा के तौव्वाब अली, वृजेंद्र पटेल ने सेवा नियमावली के अनुसार यथा समय नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में रक्षा राम वर्मा, सतीश शंकर शुक्ल, रीता शुक्ला आदि शामिल रहे।