उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद सिंह की अगुवाई में बुधवार को शिक्षकों और संघ पदाधिकारियों ने आठ सूत्रीय मांगो को लेकर बीएसए कार्यालय पर धरना दिया। धरने के बाद शिक्षकों ने बीएसए को सीएम के नाम को ज्ञापन दिया। स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए बीएसए को अलग से छह सूत्रीय मांग पत्र दिया। संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रिका सिंह ने कहा कि शिक्षक समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रदेश सरकार गंभीर नही है। पुरानी पेंशन नीति के बहाली की मांग कर रहे शिक्षकों पर बर्बर लाठी चार्ज कराती है, जिसमें हाल ही में एक शिक्षक की मौत तक हो चुकी है। जिला मंत्री शांति भूषण त्रिपाठी ने पहली अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों को पुरानी पेंशन नीति से जोड़ने की बात कही। कहा कि इसके लिए शिक्षकों को एकजुट होना ही होगा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष बाल कृष्ण ओझा ने कहा कि शिक्षकों को लंबे संघर्ष के बाद अधिकार हासिल हुए हैं। प्रदेश व्यापी आंदोलन के आधार पर ही सरकार को झुकाया जा सकता है। संयुक्त मंत्री समीउल्ला अंसारी, उपाध्यक्ष दुर्गेश यादव सहित अन्य शिक्षकों से अपनी एकता बनाए रखने पर जोर दिया।
ज्ञापन में पुराने पेंशन नीति की बहाली, बेसिक शिक्षकों को कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराने, पति पत्नी दोनों के सरकारी सेवा में कार्यरत होने की दशा में दोनों को मकान किराया भत्ता दिए जाने, शिक्षकों के सामूहिक बीमा में वृद्धि किए जाने, सेवा निवृत्त शिक्षकों को पेन्ंान स्वीकृत किए जाने, केन्द्र के समान वेतन भत्ता सातवे वेतन आयोग के अनुरूप दिसम्बर 2016 से दिए जाने आदि के साथ ही स्थानीय मांगो में पदोन्नति प्रक्रिया शुरू किए जाने, शिक्षकों का बकाया वेतन भुगतान सुनिश्चित किये जाने, फल वितरण का पैसा अग्रिम एमडीएम के खाते में प्रेषित किए जाने, अर्न्तजनपदीय शिक्षकों जिनकी नियुक्ति हो चुकी है, उनका सत्यापन कराकर बकाया वेतन भुगतान कराने की मांग शामिल है।
इस मौके पर उमाशंकर पांडेय, अशोक यादव, कमर खलील, प्रताप नारायण चौधरी, नीरज सिंह, सुधीर तिवारी, सुरेश गौड़, लाल बहादुर, उमाकान्त शुक्ल, अटल बिहारी गौड़, शिवरतन, राजेश सिंह, हरिओम यादव, देवेंद्र सिंह, रंजन सिंह, फौजदार यादव, दिनेश सिंह, प्रकाश चंद्र शुक्ल, राजन सिंह, आशीष, वेद प्रकाश उपाध्याय, फैजान अहमद, रामशंकर ओझा, अंकित शुक्ल, अनीता भट्ट, माहेनूर, कुसुम आदि रहीं।