ग्राम पंचायत सिटकोहर में आधा-अधूरा बना पानी टंकी।संवाद
गौर। शहरों की तर्ज पर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सरकार की मुहिम सिरे नहीं चढ़ पा रही है। अधिकांश ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल, हर घर जल अभियान के तहत पानी की टंकी का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। हालात यह है कि तीन साल से टाेंटियों तक पानी नहीं पहुंच सका है।
गौर ब्लाॅक के 84 ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन योजना के तहत वर्ष 2022-23 में पानी टंकी का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, तब ग्रामीणों को लगा कि अब बहुत जल्द स्वच्छ जल लोगों को मिलने लगेगा। लेकिन अभी तक मात्र 15 परियोजनाएं ही पूरी हो पाईं है, जबकि 69 परियोजनाएं बजट के अभाव में आधी-अधूरी पड़ी है, ब्लॉक के ग्राम पंचायत सिटकोहार में करीब एक करोड़ पांच लाख की लागत से पानी टंकी का निर्माण कार्य शुरू कराया गया।
इसमें दो किलोमीटर से ज्यादा पाइप लाइन बिछाने का कार्य पूरा किया गया है, गांव में करीब 211 घरों में टोंटियां लगाएं जाने थे, मगर अब तक सिर्फ 18 घरों में ही टोंटी लगी है, उसमें से भी तीन साल बीत जाने के बाद एक बूंद पानी नहीं निकाला और वह शोपीस बनकर रह गई है। तीन साल बाद भी अब तक सिटकोहार गांव में काम पूरा नहीं हो पाया है, बजट के अभाव में तमाम परियोजनाएं अधूरी पड़ी है।
कार्यदायी संस्था की ओर से सिर्फ फाउंडेशन और सोलर पंप तैयार किए गए है, जबकि बाउंड्री वॉल, पानी टंकी, कनेक्शन सहित अभी कई कार्य अधूरे पड़े हैं, जैसे-जैसे गर्मी का समय आ रहा है, ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल को लेकर चिंता सताने लगी है। लोगों का कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ कब ग्रामीणों को नसीब होगा।