बस्ती। जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विभाग में जांच के लिए आए नौ माह के बच्चे में मीजल्स रूबेला मिला है। पुष्टि के लिए विभाग ने मरीज का स्वाब सैंपल जांच के लिए भेजा है। फिलहाल, एहतियातन विभाग ने पीड़ित के घर टीम भेजकर निरोधात्मक कार्रवाई करवा चुकी है।
बता दें कि नगरीय क्षेत्र के पिकौरा बक्स रौतापार चमनवाटिका निवासी परिवार आठ अप्रैल को जिला महिला अस्पताल में जांच को पहुंचा। बच्चे के शरीर में लाल चकत्ते दिखे तो डॉक्टर आश्चर्य में पड़ गए। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज शुक्ल ने संदिग्ध एमआर केस मानते हुए रिपोर्ट की। नोडल अधिकारी डॉ. आशुतोष शर्मा का कहना है कि रिपोर्ट के बाद मोहल्ले में टीम भेजी गई। परिवार के साथ बच्चे के स्वाब गले का सैंपल लिया गया है। जांच के लिए केजीएमयू लखनऊ भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर ही कुछ कहा जा सकता है।
फिलहाल बच्चे में रुबेला के लक्षण मिले हैं। एहतियातन उसे परिवार से अलग रखने के लिए कहा गया है। बताया गया कि मीजल्स (खसरा) और रूबेला (जर्मन खसरा) वायरस से फैलने वाली दो अलग-अलग अत्यधिक संक्रामक बीमारियां हैं, जो मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करती हैं।
इनमें बुखार, दाने, खांसी और जुकाम जैसे समान लक्षण होते हैं, लेकिन मीजल्स अधिक गंभीर और रूबेला गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक (गर्भपात, जन्मजात दोष) होता है। बचाव का एकमात्र प्रभावी तरीका एमआर टीका है। जहां शनिवार, बुधवार के दिन टीकाकरण सत्र आयोजित किया जाता है। उसमें यह टीका लगाया जाता है।