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कार्य दायित्व में लापरवाही, लेखपाल निलंबित

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कार्य दायित्व में लापरवाही पर लेखपाल निलंबित
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बस्ती/महसों। जिले के नोडल अधिकारी व प्रमुख सचिव, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास तथा आबकारी संजय आर भूसरेड्डी ने शनिवार को सदर तहसील के कृष्णा भगौती गांव में चौपाल लगाई। इस दौरान लेखपाल को कार्यों में लापरवाही पर निलंबित कर चार्जशीट देने का निर्देश दिया है। चौपाल में लेखपाल अनिल कुमार श्रीवास्तव की ओर से 1996 में गेनादेवी के नाम किया गया कृषि योग्य भूमि पट्टा भूमिधरी कर खतौनी में नाम दर्ज नही किया गया। बताया गया कि दीवानी न्यायालय का इस पर स्थगन आदेश है, जबकि अभिलेखों में ऐसा नहीं पाया गया।
चौपाल में शनिवार को प्रमुख सचिव ने आवासीय भूमि, तालाब का पट्टा, वरासत, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना आदि की समीक्षा की। इस दौरान पीएम आवास योजना के लाभार्थी संगीता, इंद्रावती, सीमा, विफई, दयाशंकर को आवास पूर्ण होने पर घर की चाबी तथा एक-एक सहजन का पौधा भेंट किया। इसके अलावा प्रधानमंत्री किसान मान योजना के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र भी प्रदान किया। गांव में बेहतर विकास कार्य कराने के लिए सचिव विनोद यादव तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सम्मानित किया।
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प्रमुख सचिव ने चौपाल में उन्होंने कहा कि स्वच्छता पर ध्यान दें। खुले में शौच न करें। उन्होंने गांव में लगाए गए 25 सोलर लाइटों को दो वर्ष की गारंटी वाला बताया और खराब होने पर तत्काल ठीक कराने को कहा। पेयजल के लिए ग्रामीणों से इंडिया मार्का हैंडपंप का पानी पीने की सलाह दी। इसके बाद वे गांव के विकास कार्यों की समीक्षा किए। समीक्षा में पाया गया कि गांव में 174 में से 162 परिवार को विद्युत कनेक्शन मिल चुका है। 41 घर सौभाग्य योजना से लाभान्वित हुए हैं। स्वच्छ पेयजल के लिए 13 इण्डिया मार्का टू हैण्ड पम्प स्थापित हैं। सभी संचालित हो रहे हैं। यहां प्राथमिक स्कूल भैसहिया में बच्चों को सरकार की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाएं दी जा रही हैं।
गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के पांच लाभार्थी हैं, जिनका आवास पूर्ण हो गया है। 45 अन्य पात्र चयनित किए गये हैं। मनरेगा में आठ कार्यों के माध्यम से 4455 मानवदिवस सृजित किए गये हैं। सार्वजनिक वितरण के तहत चयनित सभी पात्रों को खाद्यान्न प्राप्त हो रहा है। आगनबाड़ी केंद्र में अतिकुपोषित आठ तथा कुपोषित 20 बच्चे पंजीकृत है। प्रमुख सचिव ने इन्हें पोषण पुनर्वास केन्द्र भेजकर इलाज कराने का निर्देश दिया।
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जिला अस्पताल में सफाई के लिए दी चेतावनी
शनिवार सुबह प्रमुख सचिव ने जिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। यहां सीटीस्कैन, ब्लडबैंक, पोषण पुनर्वास केंद्र पहुंच हालात जाने। ब्लडबैंक में सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल में समुचित सफाई समुचित नहीं पाई तो ठेकेदार का ठेका निरस्त कर इसे काली सूची में डाला जायेगा। पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों के अभिभावकों से भी प्रमुख सचिव मिले। केन्द्र में तैनात डाक्टर व स्टाफ को निर्देशित किया कि बच्चों का विशेष ध्यान रखें। इस मौके पर डीएम आशुतोष निरंजन, सीडीओं अरविंद पांडेय, सीएमओ डॉ. एके गुप्ता, एडीएम रमेश चंद्र, एसडीएम सदर शिव प्रताप शुक्ला तथा डीडीओ अजीत श्रीवास्तव, डॉ. संजय त्रिपाठी, रमन मिश्र, ब्रम्हचारी दूबे, डॉ. अश्वनी तिवारी, ग्राम प्रधान महेन्द्र प्रताप आदि मौजूद रहे।
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इंजीनियरिंग और महिला पॉलिटेक्निक भी पहुंचे प्रमुख सचिव
तूफानी दौरे पर रहे नोडल अधिकारी एस भूसरेड़्डी सदर तहसील के कृष्णा भगौती गांव में चौपाल के बाद इंजीनियरिंग कॉलेज और महिला पॉलिटेक्निक भी पहुंच गए। वाल्टरगंज प्रतिनिधि के अनुसार प्रमुख सचिव ने चौपाल के बाद निर्माणाधीन इंजीनियरिंग कालेज व राजकीय महिला पालीटेक्निक का निरीक्षण किया। महिला पालीटेक्निक के भवन निर्माण में गुणवत्ता विहीन कार्य पाए जाने पर जेई व ठेकेदार को फटकार लगाई। मौके पर मौजूद ईंट द्वितीय श्रेणी का पाए जाने पर उन्होंने दस प्रतिशत भुगतान रोक देने का निर्देश डीएम को दिया। खंभे व छत निर्माण के संतोषजनक उत्तर न दिए जाने पर शटरिंग में भी दस प्रतिशत कटौती का निर्देश दिया। प्रमुख सचिव ने बिजली व्यवस्था, अर्थिंग व बेहतर क्वालिटी के वायर प्रयोग का निर्देश दिया।
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24 घंटे में ताबड़तोड़ निरीक्षण
जिले के नोडल अधिकारी व प्रमुख सचिव शुक्रवार शाम को बस्ती पहुंचे। देरशाम सबसे पहले हर्रैया पहुंच गए। ब्लॉक सभागार में जिले के आला अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और योजनाओं के प्रगति की जानकारी ली। जिसके बाद रात में ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का जायजा लिया। ओपीडी में रोज आने वाले रोगियों की संख्या का सही जवाब न मिलने पर नाराज हो गए। शौचालय में पसरी गंदगी देखकर सीएमओ से कार्यदायी संस्था का अनुबंध निरस्त करने का निर्देश दिया। प्रसव कक्ष में रात में किसी महिल चिकित्सक मौजूद नहीं रहने की जानकारी पर डीएम से महिला चिकित्सक की व्यवस्था करने को कहा।
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