- जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे 700 मरीज, डायरिया के मरीज बढ़े, गंभीर बच्चे किए जा रहे हैं भर्ती
- सांस संबंधित मरीज भी बढ़ रहे, महिला और जिला अस्पताल में बढ़े मरीज
- घमौरिया करने लगा परेशान, मौसम का असर मरीजों पर भारी पड़ रही
बस्ती। भीषण गर्मी के बीच वायरल संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। तेज धूप से स्किन इंफेक्शन का संक्रमण फैल रहा है। दाने निकल रहे हैं। वहीं, बच्चों में उल्टी-दस्त, बुखार के लक्षण मिल रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। शुक्रवार को ओपीडी में 700 मरीजों की जांच की गई।
गर्मी का मौसम अपने चरम पर है और इसके साथ ही बच्चों में बीमारियों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है। जिला अस्पताल में उल्टी, दस्त और अन्य मौसमी बीमारियों से पीड़ित बच्चों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। गंभीर स्थिति में आने वाले बच्चों को पीडियाट्रिक इंसेंटिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) में भर्ती करना पड़ रहा है। गर्मी की मार झेल रहे मासूम बच्चों में वायरल डायरिया, निमोनिया और विभिन्न प्रकार के वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहे हैं। जिला अस्पताल में ऐसे बच्चों की भीड़ उमड़ रही है।
इन बीमारियों के कारण बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा है। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज शुक्ल ने बताया कि अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को विशेष ख्याल रखें। उन्हें लू से बचाएं और दिनभर पानी पिलाते रहें। बताया कि धूप व गर्मी से एलर्जी होने से शरीर में कई तरह के इंफेक्शन देखने को मिल रहा है। बाकी में डायरिया, बुखार की शिकायत है। यह मौसम कई बीमारियों को लेकर साथ आ रहा है, ऐसे में बचाव जरूरी है। वहीं, जिला अस्पताल में बुधवार को 765 मरीजों ने परामर्श लिया। अधिकांश मरीज मेडिसिन विभाग और बाल रोग विभाग के थे।
प्रमुख लक्षण और बीमारियां
उल्टी-दस्त : यह मौसमी बीमारियों का सबसे आम लक्षण है, जो अक्सर दूषित भोजन या पानी के सेवन से फैलता है।
तेज बुखार : बच्चों में अचानक तेज बुखार आना भी चिंता का विषय है।
सर्दी और खांसी : यह सामान्य सर्दी-जुकाम के लक्षण लग सकते हैं, लेकिन गर्मी में ये गंभीर श्वसन संक्रमण का रूप ले सकते हैं।
वायरल संक्रमण : विभिन्न प्रकार के वायरल संक्रमण बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं।
चिल्ड्रेन और पीआईसीयू में सुविधाएं बढ़ा दी गई हैं। ओपीडी में भी डॉक्टर व स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि समय से बैठे। जांच भी समय से कराई जा रही है। - डॉ. खालिद रिजवान अहमद, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।