‘पूर्वांचल को बनाएंगे चीनी का कटोरा’
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बस्ती। गन्ने की खेती के लिए उर्वरा पूर्वांचल की धरती लगातार चीनी मिलों की बंदी का दंश झेलती रही है, क्योंकि पूर्वांचल की अधिकांश चीनी मिलों पर ताले लटक रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन मिलों के प्रति अपनी गंभीरता बृहस्पतिवार को मुंडेरवा में आयोजित कार्यक्रम में स्पष्ट कर दी। उन्होंने मंच से पूर्वांचल को चीनी का कटोरा बनाने का खाका खींचा। बोले, कोई मिल बंद नहीं होगी और बंद चीनी मिलों का ताला खुलेगा। इसके लिए अपनी रणनीति का भी योगी ने खुलासा कर दिया।
योगी वैसे तो मुंडेरवा चीनी मिल की आधारशिला रखने आए थे, मगर पूर्वांचल के पिछड़े इलाकों में गिर रहे गन्ना उत्पादन के ग्राफ पर भी उनकी नजर रही। पूर्वांचल में गन्ने की खेती को उन्होंने प्राथमिकता दी। पहले उन्होंने मिलों की बंदी का कारण बताया। उसके बाद बोले, बंद मिलों को चालू करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। एक बार मिल चल जाएगी तो फिर उस पर ताला लगने की नौबत न आए, इसके लिए सरकार ने विशेषज्ञों की राय से योजना बनाई है। स्थानीय आवश्यकताओं से जोड़कर मिलों को सुसज्जित किया जाएगा। मिलें केवल चीनी उद्योग पर निर्भर नहीं होंगी, बल्कि गन्ना से बिजली, एथेनाल, कागज व अन्य उत्पाद भी तैयार कर बाजार में देंगी। कहा, सरकार जिस क्षेत्र में जो भी उत्पाद अधिक होगा, उसी के अनुसार औद्योगिक इकाइयां स्थापित करेगी। जिससे आम किसानों का आर्थिक उन्नयन हो सके।