स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने उठाए कदम
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित होगी सुरक्षा समिति
स्टूडेंट पुलिस कैडेट के नोडल अफसर बने सीओ कलवारी
राज प्रकाश
बस्ती। सरकार स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठा रही है। इसके तहत अब उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली 1998 में छब्बीसवें संशोधन के तहत नया अध्याय नौ क जोड़ते हुए विद्यालय वाहनों के संचालन के लिए विशेष नियम बनाए गए हैं। इसके तहत अब प्रदेश के सभी जनपदों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्कूल वाहन परिवहन सुरक्षा समिति व सभी विद्यालयों में संबंधित विद्यालय प्राधिकारी की अध्यक्षता में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन किया जाएगा।
इसमें जिलाधिकारी की ओर से नामित एक अधिकारी, विद्यालय प्राधिकारी की तरफ से नामित संरक्षकों के दो प्रतिनिधि, संबंधित पुलिस थाने का थाना अधिकारी या चौकी प्रभारी, विद्यालय यान ऑपरेटरों के दो प्रतिनिधि, नगर पालिका अध्यक्ष या महापौर की ओर से नामित एक स्थानीय निकाय के एक प्रतिनिधि शामिल रहेंगे। इसके अतिरिक्त बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से नामित एक अधिकारी भी सदस्य होंगे। समिति की जिम्मेदारी होगी कि विद्यालयों में संबद्ध यानों के दस्तावेज, रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र, ठीक न होने का प्रमाण पत्र, बीमा प्रमाण पत्र, परमिट, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र, चालक अनुज्ञप्ति का परीक्षण करेगी और नियमों का अनुपालन करेगी। इसी के साथ ही फीस निर्धारित करेगी और बस स्टापों को चिह्नित करेंगी। अपनी संस्तुतियां यदि कोई हों, जिला स्तरीय समिति को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजेंगी। वर्ष में एक बार विद्यालय यान ड्राइवरों का स्वास्थ्य नेत्र परीक्षण शिविर समिति की सहायता से कराया जाएगा। इसी के साथ ही प्रत्येक ड्राइवर का पुलिस सत्यापन सुनिश्चित करेगी। जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति व राज्य सरकार की ओर से समय-समय पर जारी निर्देशों का अनुपालन करेंगी।
विद्यालय प्रबंधकों ने कहा-फैसले का स्वागत है
शहर के जीवीएम कान्वेंट के प्रबंधक संतोष सिंह कहते हैं कि सरकार का फैसला स्वागत योग्य है। निश्चित तौर पर यह स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए कारगर कदम साबित होगा। दी सीएमएस स्कूल के प्रबंधक अनूप खरे कहते हैं कि हम सरकार के निर्णय के साथ हैं। सभी को इसका पालन करना चाहिए। डॉन वॉस्को स्कूल के प्रबंधक राजेश मिश्रा कहते हैं कि यह एक बदलाव है। हम इसके पक्ष में हैं। अजीत सिंह ने भी सरकार के निर्णय की सराहना की। संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन अनिल कुमार श्रीवास्तव कहते हैं कि इस संबंध में सिद्धार्थनगर व संतकबीरनगर के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को अनुपालन के लिए पत्र जारी किया गया। जल्द ही सभी विद्यालयों को सूचित कर कर दिया जाएगा।
एसपीसी के नोडल बने सीओ कलवारी
सरकारी स्कूलों में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की तर्ज पर स्टूडेंट पुलिस कैडेट (एसपीसी) इकाई का गठन किया गया है। जिले में इसके लिए सीओ कलवारी अनिल सिंह को नोडल बनाया गया है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार की पहल पर प्रदेश में पुलिस और शिक्षा विभाग का यह अनूठा प्रयास छात्र-छात्राओं को सशक्त बनाकर उन्हें समाज के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाने के लिए है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ बृजभूषण मौर्य ने कहा कि जिले में 21 विद्यालय के कक्षा नौ के बच्चों को इसमें शामिल किया गया है। बाल अपराध को रोकने के लिए जागरूकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस योजना की निगरानी के लिए डीएम की अध्यक्षता में कमेटी भी गठित है। इस कमेटी में डीएम के अलावा एसपी, सीओ, डीआईओएस, बीएसए और हर थाने से एक पुलिस कर्मी को शामिल किया गया है। यह कमेटी एसपीसी की हर गतिविधियों पर नजर रखेगी और उन्हें प्रशिक्षित भी कराएगी।