पहली बार सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी की परीक्षा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तरह बहुविकल्पीय प्रश्न देखकर परीक्षार्थी हैरान रह गए। वहीं, लिफाफे पर तीन घंटे और प्रश्नपत्र में दो घंटे का समय दर्ज होने से परीक्षक के साथ परीक्षार्थी भी परेशान हुए। इसके बाद कुलसचिव ने प्रश्नपत्र के समय को ही सही बताया।
इस बार यूपी बोर्ड की तर्ज पर सीसीटीवी की निगरानी में यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं कराई जा रहीं हैं। सोमवार की सुबह प्रथम पाली में समाजशास्त्र, गृह विज्ञान, रक्षा अध्ययन एवं बीएससी भौतिक विज्ञान व प्राणी विज्ञान सहित कई अन्य विषयों की परीक्षाएं हुईं। पं. महादेव शुक्ल कृषक पीजी कॉलेज गौर के प्राचार्य एवं परीक्षा केंद्र प्रभारी अरविंद प्रबोध मिश्र ने बताया कि विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देश में सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षा हो रही है। प्रथम पाली में बीए प्रथम वर्ष समाज शास्त्र में 115 परीक्षार्थी एवं बीए तृतीय वर्ष रक्षा अध्ययन विषय में नौ व एमए द्वितीय वर्ष समाजशास्त्र में 12 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिए। यहां पर कुल 138 परीक्षार्थी पंजीकृत रहे। जबकि सख्ती के चलते दो ने परीक्षा छोड़ दी। इस तरह कुल 136 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी। इसी तरह क्षेत्र के बनारसी यादव भूप नारायण पांडे महाविद्यालय मदनपुरा सुकरौली के परीक्षा प्रभारी डॉ. सुभाष चंद्र ने बताया कि सुबह पाली में बीए तृतीय वर्ष गृह विज्ञान प्रथम प्रश्न पत्र में 38 छात्राएं व बीए प्रथम वर्ष समाजशास्त्र में 47 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिए। बताया कि परीक्षार्थियों की ओएमआर शीट पर 100 प्रश्न पत्र बहुविकल्पीय रूप में होंगे। इनमें परीक्षार्थियों को सही गोले को भरना होगा। जबकि लखपति देवी राम किशोर महिला महाविद्यालय एकटेकवा के परीक्षा प्रभारी एपी श्रीवास्तव ने बताया कि बीए प्रथम वर्ष समाज शास्त्र में कुल 356 परीक्षार्थी पंजीकृत रहे। इसमें 346 परीक्षा में बैठे। 10 लोगों ने परीक्षा छोड़ दी। इसी तरह बीए प्रथम वर्ष गृह विज्ञान में कुल 241 पंजीकृत रहे, जिसमें 235 परीक्षा में भाग लिए छह लोगों ने परीक्षा छोड़ दी। जबकि बीएससी प्रथम वर्ष भौतिक विज्ञान में 16 एवं प्राणि विज्ञान में 96 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने समय के मुद्दे को लेकर कहा कि पेपर और लिफाफे पर अलग-अलग टाइम अंकित होने से कुछ भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है। लेकिन इसे दूर कर लिया गया है। बताया कि लिफाफे पर अंकित टाइम को नहीं माना जाएगा। जो निर्धारित समय परीक्षार्थियों के पेपर पर प्रिंट होगा उसी को सही समय माना जाएगा। इसके लिए सभी महाविद्यालयों को सूचित कर दिया गया है। कुलसचिव ने यह भी बताया कि पहली बार बहुविकल्पीय प्रश्न पत्रों के आधार पर परीक्षा संपन्न कराई जा रही है। नकल रोकने के लिए सचल दस्तों का गठन और सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षा सकुशल संपन्न कराया जा रहा है।
ओएमआर शीट फाड़ने पर रस्टिकेट
सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी की परीक्षा में अभद्रता
केंद्र व्यवस्थापक ने छात्र को रस्टिकेट किया
अमर उजाला ब्यूूरो
बस्ती।
सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी की चल रही परीक्षा में सोमवार को एक परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थी ने शिक्षकों और केंद्र व्यवस्थापक से अभद्रता की। साथ ही उसने अपनी ओएमआर शीट भी फाड़ दी। केंद्र व्यवस्थापक ने परीक्षार्थी को रस्टिकेट कर दिया। परीक्षार्थी के लिखित माफी मांगने पर केस नहीं दर्ज कराया गया।
विश्वविद्यालयीय परीक्षा के वाह्य सचल दल प्रभारी डॉ. जेपी पांडेय ने बताया कि चौधरी राम चरित्र परमेश्वर प्रसाद महाविद्यालय मूड़डीहा में बीए प्रथम वर्ष का परीक्षार्थी अनुशासनहीनता कर रहा था। कक्ष निरीक्षकों के बार-बार समझाने पर भी वह नहीं माना। इसके बाद अभद्रता शुरू कर दी। साथ ही गुस्से में उसने ओएमआर शीट भी फाड़ दी। इससे गुस्साए केंद्र व्यवस्थापक डॉ. बुद्धेश प्रसाद ने आरोपी छात्र विनेश वर्मा को रस्टिकेट कर दिया। मुकदमे की धमकी पर छात्र के लिखित माफीनामे पर छोड़ दिया है। साथ ही सचल दल प्रभारी डॉ. जेपी पांडेय ने ब्रह्मदेव इंद्रमति महाविद्यालय हर्रैया, कर्मा देवी महाविद्यालय संसारपुर, संतराम चौधरी महाविद्यालय दसिया, लखपति देवी महाविद्यालय एकटकवा, आरसीसी डिग्री कॉलेज बस्ती, मां गायत्री महाविद्यालय कप्तानगंज का निरीक्षण किया। सभी जगह सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में शांतिपूर्ण परीक्षा चल रही थी।