मृतक छात्रा आकांक्षा पटेल की फाइल फोटो
महादेवा। बनकटी विकासखंड के बर्रोहिया गांव निवासी सहायक अध्यापक कांशीराम पटेल की बेटी आकांक्षा पटेल (21) की बुधवार रात इलाज के लिए लखनऊ ले जाते समय मौत हो गई। बताया जा रहा है कि नीट परीक्षा में अपेक्षित अंक नहीं मिलने के बाद से वह परेशान थी और उसका स्वास्थ्य भी खराब रहने लगा था।
परिजनों के अनुसार आकांक्षा ने पिछले वर्ष इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद वह नीट 2026 की तैयारी कर रही थी। पहली बार हुई परीक्षा में उसे 565 अंक मिले थे। बाद में परीक्षा निरस्त होने के कारण उसे दोबारा परीक्षा देनी पड़ी। दूसरी बार परीक्षा के दौरान उसकी तबीयत भी खराब थी। इस बार उसके अंक घटकर 356 रह गए।
पिता कांशीराम पटेल के अनुसार अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद आकांक्षा मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी। दोबारा हुई नीट परीक्षा का परिणाम आने के बाद से वह गुमसुम रहती थी और उसका स्वास्थ्य भी लगातार खराब हो रहा था। उसका शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था।
बुधवार को तबीयत अधिक बिगड़ने पर परिजन उसे बेहतर उपचार के लिए लखनऊ ले जा रहे थे। रास्ते में रात करीब आठ बजे उसकी मौत हो गई।