बभनान में डीलर के यहां चीनी स्टॉक की जांच करते एसडीएम हर्रैया उमाकांत तिवारी संवाद
बस्ती। चीनी के बढ़ते दाम को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। तहसील स्तर पर गठित टीमों ने बाजारों और गोदामों में चीनी के स्टॉक की जांच शुरू कर दी है।
खाद्य विभाग के नेतृत्व में टीमों ने रविवार को हर्रैया, पांडेय बाजार समेत अन्य थोक बाजारों का जायजा लिया। व्यापारियों को खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर स्टॉक घोषित करने और उसकी स्थिति नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच के दौरान थोक बाजार में चीनी का भाव 63 से 64 रुपये और फुटकर में 66 से 68 रुपये किलो तक मिला। नोडल अधिकारी एवं डिप्टी आरएमओ विपिन कुमार ने बताया कि शनिवार को भी टीम ने जांच की थी। इस दौरान स्टॉक निर्धारित सीमा के भीतर मिला और किसी तरह की अनियमितता सामने नहीं आई। स्टॉक और कीमतों की जांच तब तक जारी रहेगी, जब तक बाजार भाव नियंत्रित नहीं हो जाते।
केंद्र सरकार ने चीनी कारोबारियों के लिए एक अगस्त से 30 नवंबर तक स्टॉक लिमिट लागू की है। इसके तहत कोई व्यापारी चार हजार क्विंटल से अधिक चीनी का भंडारण नहीं कर सकेगा। इसका उद्देश्य जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाकर कीमतों को नियंत्रित करना है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्टॉक में अंतर या किसी तरह की अनियमितता मिलने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बस्ती सदर, हर्रैया और रुधौली तहसील में जांच के लिए टीमें गठित की गई हैं। भानपुर तहसील में भी औचक जांच के लिए अलग टीम भेजी जाएगी।