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चार बार बनी, 80 लाख हुए खर्च फिर भी जर्जर है सड़क

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मालवीय रोड पर रोडवेज तिराहे के पास कई माह से बन रही पुलिया अभी नहीं हुआ तैयार। - फोटो : BASTI
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चार बार बनी, 80 लाख रुपये हुए खर्च, फिर भी जर्जर है सड़क
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20 हजार राहगीरों का धर्मशाला से गांधीनगर है प्रमुख मार्ग
मालवीय रोड से गांधीनगर मार्ग को जोड़ने वाली सड़क भी बदहाल
बस्ती। मंडल मुख्यालय की करीब बीस हजार आबादी की प्रमुख सड़क धर्मशाला रोड की हालत नहीं सुधर सकी है। करीब 500 मीटर सड़क के जरिए पांच वार्डों व बाहर से शहर में आने वाले करीब 20 हजार राहगीर मालवीय रोड से गांधीनगर मुख्य बाजार में पहुंचते हैं। जबकि इस मार्ग को तीन बार पिच व 2020 में सीसी रोड बनाने पर करीब 80 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। बावजूद इसकी स्थिति जर्जर है।
शहर की मुख्य व्यावसायिक बाजार गांधीनगर के आई रे गली, बाटा गली से निकलकर गौरीदत्त धर्मशाला होकर रौता चौराहे तक जाने वाली सड़क दशकों पुरानी नजर आती है। इस सड़क पर इन दिनों हर कदम पर खतरनाक गड्ढे बन चुके हैं। दो दशक पहले यह सड़क पिच बनी हुई थी। इससे बभनगांवा, पिकौरा बख्श, रौता, बैरिहवा व रामेश्वरपुरी वार्ड के लोगों के अलावा ब्लॉक रोड पकड़ कर लोग गोरखपुर, सिद्धार्थनगर व लखनऊ तक आवागमन करते थे।
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जलभराव के चलते हर साल यह सड़क ध्वस्त हो जाती थी। लिहाजा नगर पालिका ने 2020 में सीसी रोड बनवा दिया। गुणवत्ता में खोट के कारण यह सड़क टूटती गई। सड़क अब पैदल चलने लायक नहीं रह गई है। रौता चौराहा पर सड़क टूट चुकी है। 500 मीटर की यात्रा में हजार झटके खाने के बाद ही राहगीर गांधीनगर पहुंच सकता है।
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शहर की रेखा श्रीवास्तव, शैलेंद्र राय, संजय बहादुर पाल, गुड्डू आदि ने बताया कि हर तीन साल पर नगर पालिका सड़क की मरम्मत के नाम पर खानापूरी करती है। सड़क दो-तीन माह ठीक रहने के बाद फिर से टूट जाती है। अब तक लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, मगर सड़क चलने योग्य नहीं बन सकी है।
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कोट
सड़क का सर्वे करवाया जाएगा। प्रस्ताव पास कर सड़क की हालत सुधारी जाएगी।
दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका
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