बस्ती। चिकित्सक के उपलब्ध न होने पर सीएचसी-पीएचसी और उपकेंद्रों में तैनात स्टॉफ नर्स सामान्य प्रसव कराएंगी। शुक्रवार से जिला महिला अस्पताल में 21 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शुरू हुआ। स्किल बर्थ अटेंडेंट (एसबीए) के तहत प्रशिक्षण में सभी 14 ब्लॉकों से आठ बैच में 32 स्टॉफ नर्स, एएनएम और सीएचओ को सुरक्षित प्रसव कराने के बारे में बताया जाएगा।
पहले बैच का शुभारंभ सीएमएस डॉ. अनिल कुमार ने किया। उन्होंने गर्भवती व नवजात की देखभाल के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि ट्रेनिंग से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा। मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी भी आएगी। मातृत्व सलाहकार राज कुमार ने बताया कि आठ बैच में 32 कर्मचारियों को प्रसव संबंधी ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण में शामिल कर्मचारियों को प्रसव उपरांत नवजात की देखभाल के बारे में जानकारी दी जा रही है।
ट्रेनर के रूप में डॉ. ममता रानी, सिस्टर इंचार्ज बबिता मिश्रा, माया देवी ने एएनसी समय में कितनी बार जांच होनी चाहिए। बीपी, एचबी, आयरन गोली आदि के बारे में बताया गया है। सीएमएस ने कहा कि सीएचसी में भी प्रसव कराने और मातृ-शिशु मृत्यु दर पर अंकुश पाने के लिए स्टॉफ नर्स अहम भूमिका निभाएंगी। स्किल बर्थ अटेंडेंट के तहत सभी सीएचसी में तैनात स्टॉफ नर्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
पहले बैच में परशुरामपुर, हर्रैया और दुबौलिया की स्टॉफ नर्स, सीएचओ व एएनएम को जानकारी देते हुए प्रशिक्षक प्रशिक्षक डॉ. ममता ने बताया कि गर्भवती को स्वस्थ रखने के लिए उनकी बेहतर देखभाल करनी होगी। समय-समय पर जांच की जाए। यदि आयरन की कमी हो तो आवश्यकतानुसार उसकी गोली दें। उनके खानपान पर विशेष ध्यान दें। आयरनयुक्त भोजन करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने सुरक्षित प्रसव के बारे में जानकारी देने के साथ ही नवजात की देखभाल के बारे में भी बताया। मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के बारे में भी प्रकाश डाला।