बस्ती। श्रावण मेला 2018 भले ही शुरू होने में अभी 20 दिन बाकी है लेकिन करीब पांच लाख भोले भक्तों के भद्रेश्वरनाथ सहित अन्य प्रमुख शिवमंदिरों में अभिषेक करने खातिर इंतजाम व तैयारियां जोरों पर हैं। सबसे पहले कांवड़ यात्रियों व मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन का रूट दुरुस्त करने में प्रशासन ने ताकत झोंकी है।
रविवार को एसपी दिलीप कुमार ने भद्रेश्वरनाथ मेले का जायजा लिया। उस रूट पर निकले, जहां से होकर सबसे ज्यादा तादाद में श्रद्धालु पहुंचते हैं। अमहट घाट पर विश्राम स्थल से लेकर भद्रेश्वरनाथ तक की व्यवस्था देखने के बाद एसपी का अमला मंदिर परिसर में पहुंचा। चौतरफा इंतजाम का ब्योरा लेने के साथ ही मंदिर कमेटी को प्रबंध से जुड़ी जरूरतें साझा किया। पिछले साल एहतियातन दो कंटेंजेंसी रूट (आकस्मिक मार्ग) तय किए गए थे। जहां से लोगों व वाहनों को निकाला जा सका। पहला रोडवेज के पीछे गड़गोड़िया से होते हुए कांशीराम आवासीय योजना के रास्ते डारीडीहा को निकलने वाले मार्ग और डारीडीहा से टांगपारा होते हुए भद्रेश्वरनाथ शिव मंदिर तक के मार्ग को इस्तेमाल किया गया था। उसी मार्ग को इस बार भी प्रयोग करने की सहमति बनी है।
फोरलेन के पिछले डायवर्जन
गोरखपुर की ओर से आने वाले सभी वाहन खलीलाबाद से डायवर्ट करके बखिरा, नंदौर, खेसरहा, बांसी की ओर भेजे गए थे।
गोरखपुर से लखनऊ की ओर जाने वाले कुछ वाहनों को बस्ती, बड़ेवन से मनौरी, बेवा चौराहा, उतरौला, गोंडा होते हुए लखनऊ तक चलाया गया।
अंबेडकरनगर और टांडा जिलों से बस्ती की ओर आने वाले वाहनों को बस्ती जिले के कलवारी, धनघटा के रूट पर डायवर्ट किया गया।
लखनऊ, फैजाबाद की ओर से आने वाले वाहनों को कटरा अयोध्या, लकड़मंडी से नवाबगंज, मनकापुर की ओर मोड़ दिया था।
गोंडा से आने वाले वाहनों को नवाबगंज से ही डायवर्ट करके मनकापुर, उतरौला, डुमरियागंज, बांसी, नंदौर, बखिरा होते हुए गोरखपुर आने दिए।
लखनऊ, बाराबंकी की ओर गोरखपुर, बस्ती की तरफ आने वाले वाहनों को रोककर सुविधा अनुसार डायवर्ट रहा।