बस्ती। थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या के मामले में मोबाइल से रिकवर हुए डाटा की जांच में एक और पेंच सामने आया है। गोरखपुर से बुधवार को मिले करीब एक साल के डाटा में कुछ फाइलें करप्ट मिली हैं। बस्ती पुलिस अब इन फाइलों को दोबारा रिकवर कराने का प्रयास कर रही है और गोरखपुर से संपर्क साधा है।
29 अगस्त को वाल्टरगंज थानाध्यक्ष सूर्यप्रकाश सिंह का शव उनके सरकारी आवास में फंदे से लटका मिला था। मौके से सुसाइड नोट नहीं मिला था, जिससे मौत का रहस्य सामने नहीं आ सका था। आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है। इसी मकसद से उनके दोनों मोबाइल फोन के डिलीट हो चुके डाटा रिकवर करने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला गोरखपुर की मदद ली जा रही है।
बुधवार को लैब से एक साल का डिलीट हुआ डाटा रिकवर हुआ था, जिसकी समीक्षा शुरू की गई थी। सूत्रों के अनुसार इस बीच रिकवर किए गए डाटा की कुछ फाइलें करप्ट मिली हैं। थानाध्यक्ष की मौत से पहले की गतिविधियों की जानकारी के लिए मोबाइल डाटा अहम है।
आखिर किस सच के बाहर आने की सता रही थी चिंता : पुलिस की अब तक की जांच में थानाध्यक्ष का व्यवहार बहुत शालीन बताया गया है। अपनी अनूठी सेवाओं के लिए ही उन्हें राष्ट्रपति पदक से भी नवाजा जा चुका है।
ऐसे में पुलिस और परिजन को यह सवाल उलझा रहा है कि आखिर ऐसा कौन सा सच था, जिसके बाहर आने की उन्हें चिंता थी और उन्होंने इसके डर से मौत को गले लगा लिया। फिलहाल सभी डिजिटल साक्ष्य और बयानों आदि के आधार पर ही पुलिस आगे बढ़ेगी।
थाने पर नहीं मनेगी जन्माष्टमी : दिवंगत थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह के आकस्मिक मौत के कारण स्थानीय थाने पर जन्माष्टमी नहीं मनाई जाएगी। थाना प्रभारी वरिष्ठ उपनिरीक्षक श्रीराम पाल ने बताया कि अधिकारी की आकस्मिक मृत्यु से बेहद दुखी हैं। उनके साथ कार्य करने का अनुभव बहुत ही सरल था।