बस्ती। पंचायत चुनाव के दौरान चीन निर्मित सोलर लालटेन की खरीद की योजना एक
माह पहले ही विकास भवन में बन गई थी। यहां तक फर्म का भी निर्णय काफी पहले
हो गया था।
बीडीओ ने सीडीओ के पत्र का हवाला देकर सभी एडीओ पंचायतों को
ग्राम निधि प्रथम से सोलर लालटेन खरीदने का आदेश दिया गया। मगर जिला
मुख्यालय द्वारा एडीओ पंचायत को सोलर लालटेन उपलब्ध करा दी गई।
इसका
खुलासा शुक्रवार को हुई बैठक में कई एडीओ पंचायत ने डीपीआरओ के सामने
किया। कई एडीओ ने तो यहां तक कहा कि उन्हें सोलर लालटेन खरीदने ही नहीं
दिया और भुगतान के लिए विकास भवन से दबाव बनाया गया।
भुगतान का
दबाव इतना था कि तीन एडीओ को नकद भुगतान करना पड़ा। जबकि भुगतान एकाउंट पेई
चेक से करना का आदेश बीडीओ की ओर से दिया गया था। डीपीआरओ एपी त्रिपाठी ने
बताया कि भुगतान ज्वाला ओवरसीज नामक फर्म को किया गया।
बताया कि
उनकी चेतावनी के बाद भी कई एडीओ और सेक्रेटरी ने नियम विरुद्ध भुगतान कर
दिया। एडीओ गौर, बहादुरपुर और बनकटी ने लगभग दस लाख रुपये नकद भुगतान किया
है। शनिवार को कई रुधौली सहित अन्य ब्लॉकों के एडीओ काटे गए चेक डीपीआरओ को
वापस करने आए थे।
इन चेकों पर सेक्रेटरी के हस्ताक्षर थे और एडीओ
का हस्ताक्षर होना शेष था। डीपीआरओ ने ‘अमर उजाला’ को लगभग 60 लाख रुपये का
भुगतान होने से बचाने के लिए धन्यवाद दिया। शुक्रवार को सीडीओ ने भी सभी
एडीओ को बुलाकर सोलर लालटेन के भुगतान की जानकारी ली।
उसके बाद
सीडीओ की ओर से सभी बैंकों को भुगतान पर रोक लगाने का आदेश जारी हुआ।
हालांकि डीएम अनिल कुमार दमेले ने इस मामले में प्रथम दृष्टया इसके लिए
डीपीआरओ को जिम्मेदार माना है और कहा इसकी जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट
आने पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भुगतान के लिए बनाया गया दबाव
तीन
दिसंबर को रुधौली के बीडीओ आरबी चौधरी की ओर से जारी पत्र में एडीओ पंचायत
को डीएम के पत्र का हवाला देते हुए बूथों पर प्रकाश व्यवस्था के लिए ग्राम
निधि प्रथम से सोलर लालटेन क्रय करने का निर्देश दिया।
साथ ही ही
सोलर लालटेन का भुगतान 1350 रुपये एकाउंटपेई चेक से संबंधित फर्म को करने
को कहा। एडीओ पंचायत एसपी सिंह ने डीपीआरओ को बताया कि उन्हें सोलर लालटेन
खरीदने का मौका ही नहीं दिया गया और कहा गया कि सोलर लालटेन ब्लॉक पर
उपलब्ध है, भुगतान कर दो। बताया कि भुगतान के लिए बार बार दबाव बनाया गया।