बस्ती। किसी भी समाज एवं संस्कृति का मूल्यांकन वहां की स्त्रियों की स्थिति से किया जाता है। प्राचीन काल में नारियों की स्थिति अत्यंत उन्नत थी। वैदिक काल में महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करती थीं। उन्हें अनेक अधिकार प्राप्त थे। मौर्य काल तक कमोबेस यही स्थिति बनी रही।
ये बातें हीरा लाल रामनिवास पीजी कॉलेज के प्राचीन इतिहास विभाग के डॉ. मनोज मिश्र ने कहीं। वह महिला पीजी कॉलेज में प्राचीन इतिहास पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित प्राचीन भारत में नारी विषय पर आयोजित संगोष्ठी को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पार्चन कर किया। व्याख्यान का विषय प्रवर्तन एवं कार्यक्रम का संचालन विभाग की प्रभारी डॉ. रुचि श्रीवास्तव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन कुमारी प्रियंका सिंह ने किया। इस मौके पर डॉ.सीमा सिंह, डॉ. रघुवर प्रसाद पांडेय, डॉ. संतोष यदुवंशी, नेहा परवीन, श्रीमती प्रियंका मिश्रा एवं नेहा श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।