बस्ती। नेपाल और बिहार से लेकर दिल्ली-मुंबई तक गांजा और शराब की तस्करी का मुख्य साधन ट्रेनें बनती जा रही हैं। एक दिन पहले शुक्रवार की रात वैशाली स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल कोच से स्पेशल टास्क टीम ने गोरखपुर और बस्ती के बीच चेकिंग के दौरान 17 किलो गांजा बरामद किया। लावारिस हालत में मिले इस मादक पदार्थ को बस्ती रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी पुलिस ने संयुक्त रूप से मालखाने में जमा कराया है। तीन महीने तक रेलवे पुलिस इसके दावेदारी का इंतजार करेगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई करेगी।
17 लाख का मादक पदार्थ पकड़े जाने के बाद रेलवे पुलिस में हड़कंप मचा है। ट्रेनों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। एक्सप्रेस ट्रेन से मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए स्पेशल टास्क टीम ने निगरानी बढ़ा दी है। आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक राशिद वेग मिर्जा सहित 12 सदस्यीय टीम दिन-रात एक्सप्रेस ट्रेनों में लगातार चेकिंग अभियान चला रही है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार रेलवे पुलिस को संतकबीरनगर जिले के कुछ तस्करों पर संदेह भी है। मगर अभी साक्ष्य के अभाव में पुलिस कुछ बोलने से कतरा रही है।
ललितग्राम से चलकर नई दिल्ली को जाने वाली वैशाली स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन में शुक्रवार को 17 किलो गांजा लावारिश हालत में मिला था। इसकी सूचना स्पेशल टास्क टीम लखनऊ को मुखबिर के जरिये मिली थी। स्पेशल टास्क टीम के प्रभारी निरीक्षक अजमेर सिंह यादव अपनी टीम के साथ गोरखपुर रेलवे स्टेशन से वैशाली ट्रेन में चेकिंग अभियान शुरू कराया। रात करीब 11 बजे बस्ती रेलवे स्टेशन पहुंचते ही टीम ने ट्रेन के जनरल कोच के शौचालय के पास गैलरी में रखा एक झोला और दो बैग लावारिस हालत में बरामद किया। झोला और बैग की तलाशी लेने पर उसमें मादक पदार्थ मिला। ट्रेन में कुछ यात्रियों से टीम ने पूछताछ भी की। किसी ने बरामद झोले को अपना नहीं बताया। पुलिस का मानना हैं कि ट्रेनों में मादक पदार्थ से भरे झोले और बैग दूर रखकर कैरियर भी चलते हैं। जिनका पता लगाने के लिए रेलवे पुलिस ने नेटवर्क तैयार करना शुरू कर दी है। वहीं ट्रेनों में मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ने स्पेशल टास्क टीम का गठन किया है। यह टीम एक्सप्रेस ट्रेनों में गोपनीय तरीके से चेकिंग कर रही है। संदिग्ध यात्रियों पर नजर भी रखी जा रही है।
हर स्टेप पर अलग- अलग कैरियर
रेलवे पुलिस का मानना हैं कि ट्रेन से मादक पदार्थ की तस्करी करने में धंधेबाज हर स्टेप पर अलग-अलग कैरियर लगा रखे हैं। मादक पदार्थों को ट्रेन में पहुंचाने के लिए अलग कैरियर रहते हैं। उसके साथ दूरी बनाकर चलने वाले कैरियर दूसरे होते हैं। संबंधित जगह पर पहुंचने के बाद उसे ट्रेन से उतारने वाले कैरियर अलग होते हैं। पुलिस इन कैरियरों की तलाश में संभावित स्टेशनों पर सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। पुलिस का मानना हैं कि किसी एक स्टेप का कैरियर पकड़ में आने के बाद तस्करों के नेटवर्क तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं शराब की खेप
बस्ती रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने पिछले साल 08 अक्तूबर 2025 को चेकिंग के दौरान एक युवक को अंग्रेजी शराब की बोतल से भरे दो बैगों के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी गोंडा का रहने वाला है। वह शराब बिहार बेचने ले जा रहा था। तलाशी में 31 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद हुई थी। आरोपी की पहचान मनीष मिश्रा निवासी पुरे खेदू मिश्रपुरवा, थाना कटरा बाजार गोंडा के रूप में हुई थी। इसी तरह कोच गाइडेंस के केविन से भी अंग्रेजी शराब की खेप यहां बरामद हो चुकी है।
ट्रेन से लावारिस गांजा बरामद होने के बाद उसे तीन माह तक माल खाने में रखा जाएगा। इस अवधि में जब उसकी दावेदारी कोई नहीं करेगा तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्पेशल टास्क टीम ट्रेनों की सघन चेकिंग अभियान में लगी हुई है। जल्द ही तस्कर पकड़ में आएंगे
- जितेंद्र कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक, जीआरपी, बस्ती।