बस्ती। बहुचर्चित पूर्व प्रमुख के पति जितेंद्र सिंह हत्याकांड में मंगलवार को न्यायालय ने छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी को 20-20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। साजिश रचने के आरोपियों समेत चार को न्यायालय ने दोषमुक्त करार दिया।
अपर जिला जज प्रथम शिवचंद की अदालत ने लालगंज थानाक्षेत्र के भरवलिया निवासी गब्बर पाल, पीयूष पाल, आकाश पाल, विक्की पाल, सनी पाल और पुनीत पाल को दोषी ठहराया। जबकि पूर्व प्रमुख रमेश बहादुर सिंह के पुत्र अमित कुमार सिंह छोटू, वीरेंद्र बहादुर उर्फ बब्बू पाल, टुनटुन पाल और विशाल को निर्दोष करार दिया।
दो जनवरी 2022 को बनकटी बाजार के उपाध्याय मार्केट के सामने दिन में करीब साढ़े तीन बजे महादेवा निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख बनकटी नीलम सिंह के पति एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख भाजपा नेता रघुनाथ सिंह के छोटे भाई जितेंद्र सिंह पर हमला हुआ था। आठ दिन बाद लखनऊ के सहारा हास्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
पुलिस ने जितेंद्र सिंह के भतीजे रामायण सिंह की तहरीर पर मोनू पाल, गब्बर पाल, पीयूष पाल, आकाश पाल, शनि पाल, विवेक पाल और पुनीत पाल निवासी भरवलिया थाना लालगंज व अन्य अज्ञात के खिलाफ बलवा, हत्या के प्रयास, छिनैती, सेवन सीएलए एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था।
बाद में हत्या की धारा बढ़ाई गई और विवेचना में अमित कुमार सिंह छोटू, वीरेंद्र बहादुर उर्फ बब्बू पाल और टुनटुन पाल का नाम बढ़ाकर 10 आरोपियों को पुलिस ने जेल भिजवा दिया था। एक वर्ष बाद हाईकोर्ट से सभी की जमानत मंजूर हो गई।
जमानत के खिलाफ वादी रामायण सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी। सुप्रीम कोर्ट ने आठ आरोपियों की जमानत निरस्त करते हुए जिले के सक्षम न्यायालय को डे बाय डे सुनवाई का निर्देश दिया। 28 अगस्त को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने फैसला सुरक्षित कर लिया था।
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