बस्ती। एएमयू ओल्ड बॉयज एसोसिएशन की ओर से रविवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के संस्थापक सर सैयद अहमद खां का जन्मदिन ‘सर सैयद डे’ के रूप में मनाया गया। गांधीनगर स्थित एक होटल के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान, अलीगढ़ आंदोलन और उनके विचारों की प्रासंगिकता पर चर्चा की। इस दौरान मेधावी विद्यार्थियों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. अब्दुल रशीद ने की। मुख्य अतिथि प्रोफेसर चंद्र भूषण गुप्त ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई सुधार हुए हैं, लेकिन बुनियादी शिक्षा में भी सुधार की जरूरत है। सर सैयद अहमद खां ने शिक्षा के प्रसार के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसे हमेशा याद किया जाएगा। नई पीढ़ी को उनके विचारों और मिशन को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सर सैयद 19वीं सदी के प्रमुख मुस्लिम समाज सुधारकों और दार्शनिकों में शामिल थे। विशिष्ट अतिथि डॉ. अब्दुल मन्नान, मनोज सिंह और सबीहा अहमद ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने सर सैयद के जीवन-दर्शन और शिक्षा के प्रति उनके प्रयासों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताया।
कार्यक्रम का संचालन शोएब रहमान ने किया। इस अवसर पर मुख्य संरक्षक डॉ. मोहम्मद इकबाल, महासचिव मोहम्मद मसूद अहमद, संयोजक मोहम्मद फुजैल, डॉ. अब्दुल वहाब, मोहम्मद अहमद, सैयद अशरफ सहित अन्य लोग मौजूद रहे। अंत में महासचिव मोहम्मद मसूद अहमद ने अतिथियों, वक्ताओं, सम्मानित विद्यार्थियों और एसोसिएशन के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित
कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में मोहम्मद नोमान, मोहम्मद मुदस्सिर, आतिफ जफर, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद कैफ फारूकी, डॉ. नबील अहमद, हानिया खान, डॉ. जलालुद्दीन और हिना फातिमा शामिल रहे।