कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में पड़ने वाली गरीब बालिकाओं के नाम पर आए खाद्यान्न में भारी घोटाले का मामला सामने आया है। सभी वार्डेन के यह शिकायत की है कि सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी ने संविदा खत्म करने का डर दिखाकर उनसे फर्जी बिल बाउचर व चालान पर जबरिया हस्ताक्षर करा लिया गया। इस पर विभाग में हड़कंप मच गया।
आनन फानन में एडी बेसिक बस्ती एवं गोरखपुर मंडल में जांच कर दोषियों के विरुद्घ कार्रवाई करने का आदेश दिया। एडी बेसिक ने तीन बिंदुओं पर बीएसए और सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा। स्पष्टीकरण तो नहीं दिया गया अलबत्ता मामले की लीपापोती करने की नीयत से एक बार फिर वही डर दिखाकर जबरिया वार्डेन से झूठी शिकायत करने का पत्र लिखा लिया गया। इसकी पुष्टि करने के लिए एडी बेसिक ने तीन वार्डेन को गोरखपुर तलब किया। एडी बेसिक डॉ. एसपी त्रिपाठी ने बताया कि मामला अति गंभीर है। तीन वार्डेन ने अपने बयान में फर्जी बिल बाउचर व चालान पर हस्ताक्षर करा लेने की पुष्टि की है। नवागत बीएसए और सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी ने जवाब देने के लिए 10 जुलाई तक समय मांगा था, मगर अभी तक जवाब नहीं दिया गया। सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले दोषियों के विरुद्घ हर हाल में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।