इटवा। विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान के शुरू होते ही स्थानीय तहसील क्षेत्र के गांवों में निवास प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदनों की बाढ़ सी आ गई है। निवास के इन आवेदनों में अधिकांश आवेदन दूर-दराज के शहरों में मजदूरी अथवा व्यवसाय में लगे लोगों के हैं।
वहीं से पूरे परिवार के लिए अलग-अलग निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर रहे हैं। ऐसे लोगों के आधार कार्ड भी यहां के नहीं है। लेकिन, वह जहां रह रहे हैं, वहां के वर्ष 2003 की मतदाता सूची में स्वयं अथवा परिजनों के नाम न होने से वह गांव से ही जुड़ना चाहते हैं। ऐसा वर्ष 2003 के मतदाता सूची में उनके स्वयं की अथवा पूर्वजों के नाम की बाध्यता के चलते वह गांव से जुड़ना श्रेयस्कर समझते हैं।
लेखपाल संघ इटवा तहसील के मंत्री नवीन चौधरी कहते हैं कि एसआईआर अभियान की शुरुआत होने के बाद निवास प्रमाण पत्र के आवेदनों में काफी वृद्धि हुई है। हालत यह है कि घर में जितने परिवार हैं। निवास के लिए सभी ने अलग-अलग आवेदन कर रखे हैं।