लोटन। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र हरिगांव गांव में निवासी माया (35) पत्नी राजेश ने कर्ज के बोझ से परेशान होकर बुधवार को जहर खा लिया, इलाज के दौरान उसकी माैत हो गई। सास गीता का आरोप है कि फाइनेंस कंपनी के एजेंट की बदसलूकी से उसका सब्र टूट गया। दिल दहला देने वाली इस वारदात से क्षेत्र में कर्ज लेने वाले दहशत में हैं। वहीं, जानकारी होने पर वसूली करने वाला एजेंट मौके से भाग खड़ा हुआ।
पुलिस ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सास और बच्चे के साथ माया गांव में रहती थी जबकि पति पंजाब में कमाने के लिए गया हुआ है, जानकारी मिलने के बाद वह घर के लिए निकल चुका है। पुलिस का कहना है कि तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के हरि गांव निवासी माया (35) पत्नी राजेश ने कई माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से लोन ले रखा था। इस बीच उसकी तबीयत खराब हो गई और वह कुछ किस्तें नहीं जमा कर पाई। सास गीता देवी ने बताया कि मंगलवार फाइनेंस कंपनी का एजेंट उसके घर आ धमका और रुपये मांगने लगा। जब माया ने समस्या बताई तो वह भड़का गया। कहा कि किस्त हर हाल में जमा करो। जमीन बेचो या घर, इससे कोई मतलब नहीं है। कई कंपनी से कर्ज ले चुकी माया पर चारों ओर से दबाव पड़ रहा था, जिसे झेल नहीं पाई और आजिज आकर बुधवार को जहरीला पदार्थ खा लिया।
जानकारी होने पर परिजनों ने इलाज के लिए सीएचसी पहुंचाया, डाॅक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहां उसकी मौत हो गई। मृतका के तीन छोटे बच्चे भी हैं, जिनकी उम्र शिवम (13), सत्यम(11), शुभम ( 9) वर्ष है। सास गीता देवी की कहना है कि घटना के समय घर पर कोई नहीं था। माया का पति रोजी रोटी की तलाश में दो साल से पंजाब में है। पड़ोस के लोग भी दबी जुबान से कह रहे हैं कि महिला ने लगभग आठ फाइनेंस कंपनी से लोन लिया है। समय पर किस्त नहीं चुकाने पर कंपनी के कर्मचारी के दुर्व्यवहार से परेशान होकर महिला ने जहरीला पदार्थ खा लिया।
इस संबंध थानाध्यक्ष लोटन दिनेश कुमार सरोज का कहना है कि सूचना के आधार पर लाश पीएम के लिए भेजा गया है। पीएम रिपोर्ट और तहरीर मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।