परशुरामपुर। क्षेत्र के डुहवा पांडेय में साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास भुवनेश ने भागवत कथा का महात्म्य बताया।
कथा व्यास ने कहा कि भागवत कथा का अनुष्ठान मोक्ष प्रदान करने वाला है। अपने दैनिक जीवन में हम सभी अपने दायित्व का निर्वहन करते हैं। जीवन में तमाम ऐसी परिस्थितियां आती हैं, जब हम किंकर्तव्यविमूढ़ की स्थिति में आ जाते हैं। भागवत कथा हमें उचित-अनुचित का बोध कराती है। भागवत कथा जिन परिवारों में होती है, वहां के बच्चे उच्च संस्कार वाले और मां-बाप तथा गुरुजनों का सम्मान करने वाले होते हैं।
मानव स्वभाव में गलती स्वाभाविक है। श्रीमद्भागवत कथा जाने-अनजाने में होने वाली गलतियों से जनित पापों का शमन करती है। यह कलियुग में भवसागर से पार उतारने में सक्षम है। मुख्य यजमान शीतला प्रसाद मिश्र समेत क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे।