फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: शिव का अर्थ विश्वास और पार्वती का अर्थ होता है श्रद्धा

Mon, 13 Apr 2026 11:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
विज्ञापन
विज्ञापन
हर्रैया। क्षेत्र के तपसी धाम आश्रम कसैला में चल रही सात दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा के तीसरे दिन सोमवार को आचार्य सत्यम कृष्ण शुक्ल ने भक्तों को भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह और श्रीराम के जन्म की भावपूर्ण कथा सुनाई। जिसे सुन श्रोता भावविभोर हो गए।
विज्ञापन


आचार्य ने बताया कि शिव का अर्थ विश्वास और पार्वती का अर्थ श्रद्धा होता है। उन्होंने कहा कि जिनके जीवन में विश्वास और श्रद्धा होती है, उनके हृदय में भगवान श्रीराम प्रकट होते हैं। भगवान राम के जन्म की कथा सुनाते हुए बताया कि अयोध्या के राजा दशरथ की रानी कौशल्या के गर्भ से चैत्र शुक्ल नवमी को पुनर्वसु नक्षत्र में भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था। यह त्रेता युग की घटना है। राजा दशरथ ने पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ कराया था, जिसके पश्चात उनकी तीनों रानियों ने यज्ञ का प्रसाद ग्रहण किया और गर्भधारण किया। भगवान श्रीराम के जन्म के बाद अयोध्या में उत्सव का माहौल था, सभी देवगण पुष्प वर्षा करने और नगर को शोभायमान करने के लिए आए थे। राजा दशरथ ने ब्राह्मणों को स्वर्ण, गो, वस्त्र और आभूषण दान किए थे। आचार्य ने बताया कि भगवान श्रीराम विष्णु के सातवें अवतार हैं और उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है। वे इस धरती पर धर्म और ज्ञान का संदेश देने के लिए अवतरित हुए थे। इस दौरान मंदिर के महंत बाबा जय बक्स दास, पूर्व ब्लाॅक प्रमुख हर्रैया योगेंद्र सिंह, अंकुर सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें