बस्ती। महज 10 वर्ष की शब्बो बीमार होती थी तो डॉक्टर के यहां इसलिए घबराती थी इंजेक्शन लग जाएगा। छुई-मुई जैसी बालिका को कुत्तों ने नोच-नोचकर पूरा शरीर छलनी कर डाला।
उसकी मां कहती है कि वह इंजेक्शन से काफी घबराती थी। लोग बताते हैं कि ऐसा नहीं है कि वह चीखी-चिल्लाई नहीं होगी मगर कुत्तों के भौंकने की आवाज नक्कारखाने में तूती साबित हुई। गांव के लोग बताते हैं कि उन लोगों ने कुत्तों के भौंकने की आवाज तो सुनी लेकिन समझ नहीं पाए कि वे कोई इंसान को नोच रहे होंगे।
लोग बताते हैं कि टेढ़ीकुइया और आसपास के गांव में हिंसक कुत्तों का एक झुंड काफी दिनों से आतंक मचाए है। अलीनगर के कुछ बच्चों और बकरियों पर भी कुत्तों ने हमला किया था। रविवार सुबह भी उसी गांव के एक सात वर्षीय बालक को भी कुत्तों ने काटकर घायल कर दिया। गांव के मो. हासिम का सात वर्षीय बेटा मैनुद्दीन रविवार की सुबह पांच बजे अपने बाबा के पीछे-पीछे गांव के बाहर सरयू नहर के पास शौच के लिए गया था। वहां आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे घेर लिया और काटने लगे। चीख पुकार सुनकर लोगों ने कुत्तों को खदेड़ कर उसे बचाया। मासूम को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
डिप्टी सीवीओ डॉ. बलराम चौरसिया ने बताया कि ग्रामीणों को जागरूक किया गया है कि वे बच्चों को अकेले न छोड़ें। बचाव के लिए दो-तीन के समूह में ही बाहर निकलें।