कलवारी चौराहे पर अलाव न जलने से कागज जलाकर तापते राहगीर। संवाद
बस्ती। मौसम की बेरुखी से जनजीवन प्रभावित है। कड़ाके की ठंड ने लोगों को खूब सताया। रविवार का अवकाश होने की वजह से लोग हीटर, ब्लोअर के बैठे रहे या फिर रजाई से बाहर नहीं निकले। दोपहर करीब एक बजे सूर्य के दर्शन होने पर बाजार में जरूर थोड़ी-बहुत चहल-पहल दिखी। पांच बजते-बजते फिर सन्नाटा पसरने लगा। बर्फीली हवा ने लोगों को फिर घरों में कैद कर दिया।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमर नाथ मिश्रा ने बताया कि फिलहाल भीषण ठंड से छुटकारा नहीं मिलने वाला है। दो दिनों के भीतर न्यूनतम तापमान में तीन से पांच डिग्री की गिरावट आ सकती है। इससे ठंड और बढ़ेगी। इस दौरान कोहरा भी घना हो सकता है। उन्होंने बताया कि नए पर पश्चिम हिमालय के ऊंचाई वाले इलाके में जमकर बर्फबारी हुई है। वहां की बर्फीली हवा यहां के लोगों को सता रही है। खिचड़ी तक ऐसे ही ठंड पड़ने के आसार हैं। हालांकि, बीच-बीच में कभी हल्की धूप निकलती रहेगी।
भीषण ठंड की वजह से मेहनतकशों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। सबसे अधिक दिक्कत भवन निर्माण से जुड़े मजदूरों के समक्ष खड़ी हो गई है। वे अड्डे पर खड़े-खड़े यह इंतजार करते रहते हैं, अब कोई आएगा और काम पर ले जाएगा, मगर अधिकतर मजदूरों को निराशा ही हाथ लगती है। कलवारी से काम की तलाश में आए मुन्ना ने बताया कि चार से काम नहीं मिल रहा है। अब घर लौट जाऊंगा। धूप निकलने पर आऊंगा, तब काम भी मिलने लगेगा।